उलुबेड़िया दक्षिणविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1987
अमर बनर्जी (चोबी) (INC) ने 1987 के विधान सभा चुनाव में 37.1% वोट पाकर उलुबेड़िया दक्षिण सीट जीती और रबीन्द्र घोष (FBL) को 5,583 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 171 चांपदानी थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 171 हावड़ा मध्य है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
6.1% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अमर बनर्जी (चोबी) | 34,07137.1% | |
| 2 | रबीन्द्र घोष | 28,48831.1% | |
| 3 | अली अहमद शेख निर्दलीय | निर्दलीय | 27,00029.4% |
| 4 | कमल दत्त | 6590.7% | |
| 5 | शेख इसराफिल निर्दलीय | निर्दलीय | 4060.4% |
| 6 | जयंत बनर्जी ICS(SCS) | ICS(SCS) | 3580.4% |
| 7 | अच्युत नंदा मंडल निर्दलीय | निर्दलीय | 2800.3% |
| 8 | नरेश चन्द्र करण निर्दलीय | निर्दलीय | 2170.2% |
| 9 | सिद्धेवर पाठक निर्दलीय | निर्दलीय | 1400.1% |
| 10 | चन्द्रहास कयाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1370.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.12 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
उलुबेड़िया दक्षिण से कौन जीता, 1977–2006
INC ने यह सीट FBL से छीन ली, जिसने इसे 1982 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1982 के 69.0% से बढ़कर 75.9% हो गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में यह सीट FBL ने जीती।