पुरूलियाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1987
ममता मुखार्जी (CPM) ने 1987 के विधान सभा चुनाव में 51.6% वोट पाकर पुरूलिया सीट जीती और सुकुमार राय (INC) को 5,526 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 239 ओंदा थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 239 बलरामपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
6.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | ममता मुखार्जी वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 47,53051.6% |
| 2 | सुकुमार राय | 42,00445.6% | |
| 3 | तारापद मुखार्जी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3621.5% |
| 4 | सलिल नंदी निर्दलीय | निर्दलीय | 3410.4% |
| 5 | छेदीलाल जालान निर्दलीय | निर्दलीय | 2990.3% |
| 6 | जामिनी कान्ता महतो निर्दलीय | निर्दलीय | 2700.3% |
| 7 | प्रफुल्ल कुमार महतो निर्दलीय | निर्दलीय | 2660.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPM और INC को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.11 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पुरूलिया से कौन जीता, 1977–2006
CPM ने यह सीट ICS से छीन ली, जिसने इसे 1982 में जीता था; CPM ने यहाँ पिछली बार 1977 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1982 के 71.9% से बढ़कर 73.1% हो गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में भी CPM ने यह सीट अपने पास रखी।