रासबिहारी एवेन्यूविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1987
हैमी बसु (INC) ने 1987 के विधान सभा चुनाव में 54.5% वोट पाकर रासबिहारी एवेन्यू सीट जीती और अरुण प्रोकाश चटर्जी (CPM) को 8,378 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 149 बड़तला थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 149 कसबा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
12.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | हैमी बसु | 38,18054.5% | |
| 2 | अरुण प्रोकाश चटर्जी वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 29,80242.5% |
| 3 | दिब्येंदु बिस्वास निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2081.7% |
| 4 | टी.एस. श्रीनिवासन निर्दलीय | निर्दलीय | 4660.7% |
| 5 | कल्याण हालदार निर्दलीय | निर्दलीय | 2790.4% |
| 6 | अनिल कुमार बनर्जी निर्दलीय | निर्दलीय | 1350.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और CPM को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.09 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
रासबिहारी एवेन्यू से कौन जीता, 1977–2006
INC ने 1982 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 49.3% से बढ़कर 54.5% हो गया। मतदान प्रतिशत 1982 के 65.0% से घटकर 64.5% रह गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।