कांथी उत्तरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1977
रासबिहारी पाल (JNP) ने 1977 के विधान सभा चुनाव में 49.0% वोट पाकर कांथी उत्तर सीट जीती और शैलजा दास (INC) को 15,343 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 210 मिदनापुर थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 210 नंदीग्राम है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — रासबिहारी पाल 29.9% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रासबिहारी पाल जनता | जनता | 25,17749.0% |
| 2 | शैलजा दास | 9,83419.1% | |
| 3 | अनुरूप पंडा वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 9,38718.3% |
| 4 | सुखेंदु मैती वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 5,0829.9% |
| 5 | हरिपद गिरी निर्दलीय | निर्दलीय | 8401.6% |
| 6 | जगबंधु मंडल निर्दलीय | निर्दलीय | 7511.5% |
| 7 | निखिलेश नंदा निर्दलीय | निर्दलीय | 2760.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 86% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.12 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कांथी उत्तर से कौन जीता, 1977–2006
इसके बाद 1982 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।