मिदनापुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
बिस्वनाथ मुखार्जी (CPI) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 77.0% वोट पाकर मिदनापुर सीट जीती और अनिमा घोष राय (CPM) को 24,127 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 210 रानीबांध थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 210 कांथी उत्तर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — बिस्वनाथ मुखार्जी 58.0% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
4 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बिस्वनाथ मुखार्जी वाम दल | वाम दल | 32,00977.0% |
| 2 | अनिमा घोष राय वाम दल | वाम दल | 7,88219.0% |
| 3 | गुरुदास मान्डि JKP | JKP | 1,0762.6% |
| 4 | एस. के. महिनुद्दीन IAL | IAL | 6101.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPI और CPM को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.59 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मिदनापुर से कौन जीता, 1967–1972
1967 से यहाँ हर चुनाव CPI ने जीता है: यह लगातार उसकी चौथी जीत थी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 46.4% से बढ़कर 77.0% हो गया। 1967 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1971 के 61.7% से घटकर 50.6% रह गया।