खंडघोषविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1971
पूर्ण चन्द्र मलिक (CPM) ने 1971 के विधान सभा चुनाव में 51.3% वोट पाकर खंडघोष सीट जीती और मनोरंजन प्रामानिक (INC) को 5,283 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में कोई सीट नंबर 258 नहीं थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 258 बाराबनी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
11.8% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | पूर्ण चन्द्र मलिक वाम दल | वाम दल | 22,87151.3% |
| 2 | मनोरंजन प्रामानिक कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 17,58839.4% |
| 3 | मल्लिक प्रबीर कुमार | 2,4035.4% | |
| 4 | धीबर प्रमथनाथ | 7531.7% | |
| 5 | बिमला कान्ता मलिक BAC | BAC | 6881.5% |
| 6 | गोवर्धन पाकराय महागठबंधन | महागठबंधन | 3190.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPM, INC और RSP को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.37 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
खंडघोष से कौन जीता, 1967–1972
CPM ने यह सीट SSP से छीन ली, जिसने इसे 1969 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1967 से शुरू होता है, यह CPM की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1969 के 54.6% से बढ़कर 61.9% हो गया। इसके बाद 1972 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।