अलीपुरद्वारविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1971
नारायण भट्टाचार्य (INC) ने 1971 के विधान सभा चुनाव में 41.8% वोट पाकर अलीपुरद्वार सीट जीती और रंजीत दास गुप्ता (CPM) को 9,236 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 11 फालाकाटा थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 11 कालचीनी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — नारायण भट्टाचार्य 18.9% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | नारायण भट्टाचार्य कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 20,45541.8% |
| 2 | रंजीत दास गुप्ता वाम दल | वाम दल | 11,21922.9% |
| 3 | नानी भट्टाचार्य | 10,99022.5% | |
| 4 | मोक्तान ज्योति प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 3,8017.8% |
| 5 | सचींद्र नाथ गांगुली महागठबंधन | महागठबंधन | 9291.9% |
| 6 | कहै बलियाव गोस्वामी BAC | BAC | 8051.6% |
| 7 | राम चन्द्र राय सरकार निर्दलीय | निर्दलीय | 6931.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.51 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1977 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1977 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
अलीपुरद्वार से कौन जीता, 1967–1972
INC ने यह सीट RSP से छीन ली, जिसने इसे 1969 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1967 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1969 के 63.6% से घटकर 61.3% रह गया। इसके बाद 1972 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।