मल्लावांविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
धर्मज्ञ मिश्र (SP) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 28.9% वोट पाकर मल्लावां सीट जीती और राम कुमार वर्मा (BSP) को 2,216 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में भी सीट नंबर 91 का नाम मल्लावां था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 91 बछरावां है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
मल्लावां का फ़ैसला सिर्फ़ 1.6% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 2,216 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | धर्मज्ञ मिश्र संयुक्त मोर्चा | संयुक्त मोर्चा | 41,03628.9% |
| 2 | राम कुमार वर्मा | 38,82027.3% | |
| 3 | राम आसरे वर्मा QJD | QJD | 31,66022.3% |
| 4 | विद्याराम वर्मा | 27,98619.7% | |
| 5 | राम लाल BHJS | BHJS | 1,3701.0% |
| 6 | कालका प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 7850.6% |
| 7 | जगन्नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 3580.3% |
| 8 | ठाकुर प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 2150.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 78% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.06 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मल्लावां से कौन जीता, 1974–1996
SP ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1993 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह SP की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1993 के 57.4% से बढ़कर 63.1% हो गया।
- 1974ललन शर्मा (INC), जीत का अंतर 11.3%
- 1977राम आसरे (IND), जीत का अंतर 6.7%
- 1980राम आसरे वर्मा (IND), जीत का अंतर 7.2%
- 1985राम आसरे (IND), जीत का अंतर 13.1%
- 1989धर्मगा (INC), जीत का अंतर 3.2%
- 1991राम आसरे वर्मा (JD), जीत का अंतर 19.2%
- 1993राम आसरे वर्मा (JD), जीत का अंतर 1.7%
- 1996धर्मज्ञ मिश्र (SP), जीत का अंतर 1.6%