पिहानीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
अशोक बाजपेयी (SP) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 31.4% वोट पाकर पिहानी सीट जीती और खालिद गौरी (BSP) को 1,764 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में भी सीट नंबर 88 का नाम पिहानी था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 88 लखनउ कैन्टोनमेंट है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
पिहानी का फ़ैसला सिर्फ़ 1.4% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,764 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
14 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अशोक बाजपेयी संयुक्त मोर्चा | संयुक्त मोर्चा | 39,94731.4% |
| 2 | खालिद गौरी | 38,18330.0% | |
| 3 | जगन्नाथ सिंह | 25,07419.7% | |
| 4 | नन्द लाल शास्त्री निर्दलीय | निर्दलीय | 14,80011.6% |
| 5 | शिवा हर निर्दलीय | निर्दलीय | 3,4502.7% |
| 6 | बाबू राम BHJS | BHJS | 1,8861.5% |
| 7 | सज्जन निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3901.1% |
| 8 | अमरपाल | 6530.5% | |
| 9 | शिवा रतन निर्दलीय | निर्दलीय | 5030.4% |
| 10 | भोला नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 4100.3% |
| 11 | माया देवी NLP | NLP | 2480.2% |
| 12 | रमेश चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 2090.2% |
| 13 | राम मूर्ति निर्दलीय | निर्दलीय | 1900.1% |
| 14 | मोहम्मद शहाब AIMLF | AIMLF | 1520.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 81% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.12 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पिहानी से कौन जीता, 1974–1996
SP ने 1993 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत लगभग पहले जितना ही रहा: 31.4%। यह 1980 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1993 के 56.3% से बढ़कर 62.1% हो गया।
- 1974महेश सिंह (INC), जीत का अंतर 11.7%
- 1977अशोक बाजपेयी (JNP), जीत का अंतर 3.6%
- 1980कमला देवी (INC(I)), जीत का अंतर 0.2%
- 1985अशोक बाजपेयी (JNP), जीत का अंतर 29.4%
- 1989अशोक बाजपेयी (JD), जीत का अंतर 9.6%
- 1991खालिद गौरी (INC), जीत का अंतर 9.9%
- 1993अशोक बाजपेयी (SP), जीत का अंतर 11.9%
- 1996अशोक बाजपेयी (SP), जीत का अंतर 1.4%