पिहानीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
अशोक बाजपेयी (SP) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 31.7% वोट पाकर पिहानी सीट जीती और नन्द लाल शास्त्री (BKD) को 13,029 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में भी सीट नंबर 88 का नाम पिहानी था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 88 लखनउ कैन्टोनमेंट है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
11.9% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
23 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अशोक बाजपेयी SP-BSP alliance ('Mile Mulayam-Kanshi Ram'), Uttar Pradesh 1993 | SP-BSP alliance ('Mile Mulayam-Kanshi Ram'), Uttar Pradesh 1993 | 34,51631.7% |
| 2 | नन्द लाल शास्त्री | 21,48719.7% | |
| 3 | रामबली मिश्र | 20,90919.2% | |
| 4 | खालिद गौरी | 20,57418.9% | |
| 5 | नरेन्द्र कुमार सिंह जनता दल | जनता दल | 4,7074.3% |
| 6 | श्री राम | 1,4621.3% | |
| 7 | रविन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5940.5% |
| 8 | प्रमोद कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 5460.5% |
| 9 | तनसुख निर्दलीय | निर्दलीय | 5440.5% |
| 10 | राम बख्श BRP | BRP | 5260.5% |
| 11 | रणबीर सिंह | 5030.5% | |
| 12 | घनश्याम SOP(RP) | SOP(RP) | 4100.4% |
| 13 | महेन्द्र पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3820.3% |
| 14 | शिवा कुमार JP | JP | 3650.3% |
| 15 | राम औतार निर्दलीय | निर्दलीय | 3520.3% |
| 16 | इशरत खान निर्दलीय | निर्दलीय | 2920.3% |
| 17 | चन्द्र कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1800.2% |
| 18 | रईस अहमद खान निर्दलीय | निर्दलीय | 1460.1% |
| 19 | काका जोगिंदर सिंह उर्फ़ धरती पकड़ निर्दलीय | निर्दलीय | 1390.1% |
| 20 | अजीज अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 1280.1% |
| 21 | भगवान सरन निर्दलीय | निर्दलीय | 1100.1% |
| 22 | महोज कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1000.1% |
| 23 | मोहम्मद अकरम निर्दलीय | निर्दलीय | 520.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 71% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.68 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पिहानी से कौन जीता, 1974–1996
SP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1991 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह SP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1991 के 50.2% से बढ़कर 56.3% हो गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में भी SP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974महेश सिंह (INC), जीत का अंतर 11.7%
- 1977अशोक बाजपेयी (JNP), जीत का अंतर 3.6%
- 1980कमला देवी (INC(I)), जीत का अंतर 0.2%
- 1985अशोक बाजपेयी (JNP), जीत का अंतर 29.4%
- 1989अशोक बाजपेयी (JD), जीत का अंतर 9.6%
- 1991खालिद गौरी (INC), जीत का अंतर 9.9%
- 1993अशोक बाजपेयी (SP), जीत का अंतर 11.9%
- 1996अशोक बाजपेयी (SP), जीत का अंतर 1.4%