हरदोईविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
नरेश चन्द्र अग्रवाल (INC) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 44.9% वोट पाकर हरदोई सीट जीती और सुरेन्द्र कुमार दुबे (BJP) को 22,010 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में भी सीट नंबर 86 का नाम हरदोई था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 86 लखनऊ पश्चिम है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — नरेश चन्द्र अग्रवाल 17.4% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | नरेश चन्द्र अग्रवाल | 56,74444.9% | |
| 2 | सुरेन्द्र कुमार दुबे | 34,73427.5% | |
| 3 | नियाज अहमद संयुक्त मोर्चा | संयुक्त मोर्चा | 24,80719.6% |
| 4 | राजेश्वरी निर्दलीय | निर्दलीय | 7,1385.7% |
| 5 | हीरा लाल संयुक्त मोर्चा | संयुक्त मोर्चा | 1,4291.1% |
| 6 | राम किशोर गुप्ता BHJS | BHJS | 5480.4% |
| 7 | राम कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2870.2% |
| 8 | जगदीश निर्दलीय | निर्दलीय | 2610.2% |
| 9 | गिरवर लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2020.2% |
| 10 | छेदा लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1710.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.13 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
हरदोई से कौन जीता, 1974–1996
INC ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1991 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 40.0% से बढ़कर 44.9% हो गया। यह 1980 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1993 के 52.2% से बढ़कर 56.8% हो गया।
- 1974श्रीश चन्द्र (INC), जीत का अंतर 6.6%
- 1977धर्मगज सिंह (INC), जीत का अंतर 8.7%
- 1980नरेश चन्द्र (INC(I)), जीत का अंतर 22.2%
- 1985उमा त्रिपाठी (INC), जीत का अंतर 8.6%
- 1989नरेश चन्द्र (IND), जीत का अंतर 11.9%
- 1991नरेश अग्रवाल (INC), जीत का अंतर 1.2%
- 1993नरेश अग्रवाल (INC), जीत का अंतर 12.8%
- 1996नरेश चन्द्र अग्रवाल (INC), जीत का अंतर 17.4%