हरदोईविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
उमा त्रिपाठी (INC) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 37.6% वोट पाकर हरदोई सीट जीती और सुरेन्द्र पाल पाठक (LKD) को 5,488 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में भी सीट नंबर 86 का नाम हरदोई था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 86 लखनऊ पश्चिम है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
8.6% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
23 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | उमा त्रिपाठी | 24,03937.6% | |
| 2 | सुरेन्द्र पाल पाठक Lok Dal | Lok Dal | 18,55129.0% |
| 3 | देव शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 5,0177.8% |
| 4 | सुरेन्द्र विक्रम सिंह जनता | जनता | 4,4356.9% |
| 5 | कमला निर्दलीय | निर्दलीय | 3,6295.7% |
| 6 | आशारानी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4082.2% |
| 7 | राम स्वरूप निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0451.6% |
| 8 | पति राम | 9041.4% | |
| 9 | अरविन्द कुमार सिंह गौड़ | 7441.2% | |
| 10 | नरेश निर्दलीय | निर्दलीय | 4440.7% |
| 11 | नन्द लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 4290.7% |
| 12 | दिग्विजय सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4170.7% |
| 13 | गोपाल ICJ | ICJ | 3800.6% |
| 14 | कीर्ति चन्द्र श्रीवास्तव निर्दलीय | निर्दलीय | 3770.6% |
| 15 | श्रीराम निर्दलीय | निर्दलीय | 3700.6% |
| 16 | केदार निर्दलीय | निर्दलीय | 3380.5% |
| 17 | भीष्म लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3060.5% |
| 18 | यतीश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2970.5% |
| 19 | शिवराज निर्दलीय | निर्दलीय | 2810.4% |
| 20 | ए. रऊफ निर्दलीय | निर्दलीय | 2620.4% |
| 21 | राम बख्श निर्दलीय | निर्दलीय | 1390.2% |
| 22 | झब्बू निर्दलीय | निर्दलीय | 1280.2% |
| 23 | सुरेश चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 440.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 74% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.15 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
हरदोई से कौन जीता, 1974–1996
INC ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1977 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1980 के 52.3% से घटकर 44.9% रह गया। इसके बाद 1989 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।
- 1974श्रीश चन्द्र (INC), जीत का अंतर 6.6%
- 1977धर्मगज सिंह (INC), जीत का अंतर 8.7%
- 1980नरेश चन्द्र (INC(I)), जीत का अंतर 22.2%
- 1985उमा त्रिपाठी (INC), जीत का अंतर 8.6%
- 1989नरेश चन्द्र (IND), जीत का अंतर 11.9%
- 1991नरेश अग्रवाल (INC), जीत का अंतर 1.2%
- 1993नरेश अग्रवाल (INC), जीत का अंतर 12.8%
- 1996नरेश चन्द्र अग्रवाल (INC), जीत का अंतर 17.4%