निगोहीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
कोविद कुमार (BJP) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 30.0% वोट पाकर निगोही सीट जीती और चन्द्र सेन (निर्दलीय) को 5,136 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में भी सीट नंबर 62 का नाम निगोही था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 62 लहरपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। कोविद कुमार 3.7% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कोविद कुमार | 41,71130.0% | |
| 2 | चन्द्र सेन निर्दलीय | निर्दलीय | 36,57526.3% |
| 3 | फूल चन्द | 30,55622.0% | |
| 4 | पुत्तू सिंह यादव संयुक्त मोर्चा | संयुक्त मोर्चा | 23,63217.0% |
| 5 | कृष्ण पाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4,1133.0% |
| 6 | रूप चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 6340.5% |
| 7 | रामाधार सिंह यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 6050.4% |
| 8 | काशी राम निर्दलीय | निर्दलीय | 4770.3% |
| 9 | पोहप राम निर्दलीय | निर्दलीय | 3600.3% |
| 10 | प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 2780.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 78% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.21 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
निगोही से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यह सीट SP से छीन ली, जिसने इसे 1993 में जीता था; BJP ने यहाँ पिछली बार 1991 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1993 के 58.4% से बढ़कर 68.4% हो गया।
- 1974ओम प्रकाश (BKD), जीत का अंतर 5.4%
- 1977जगदीश सिंह (INC), जीत का अंतर 1.3%
- 1980जगदीश सिंह (INC(I)), जीत का अंतर 14.6%
- 1985अहिवरन (INC), जीत का अंतर 26.9%
- 1989अहिबरन (INC), जीत का अंतर 0.3%
- 1991कोबिद कुमार सिंह (BJP), जीत का अंतर 10.4%
- 1993पुत्तू सिंह यादव (SP), जीत का अंतर 5.2%
- 1996कोविद कुमार (BJP), जीत का अंतर 3.7%