निगोहीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
अहिवरन (INC) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 39.9% वोट पाकर निगोही सीट जीती और सईद खान (निर्दलीय) को 19,194 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में भी सीट नंबर 62 का नाम निगोही था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 62 लहरपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — अहिवरन 26.9% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
23 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अहिवरन | 28,40639.9% | |
| 2 | सईद खान निर्दलीय | निर्दलीय | 9,21212.9% |
| 3 | मंगल सिंह | 8,44711.9% | |
| 4 | नरेन्द्र पाल सिंह Lok Dal | Lok Dal | 6,3648.9% |
| 5 | हर दयाल निर्दलीय | निर्दलीय | 4,3106.0% |
| 6 | राम भरोसे लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3,5385.0% |
| 7 | राम नाथ दीक्षित जनता | जनता | 1,9922.8% |
| 8 | वीर पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5272.1% |
| 9 | राजवीर निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1231.6% |
| 10 | श्री राम | 1,0271.4% | |
| 11 | सिया राम वाम दल | वाम दल | 8211.1% |
| 12 | कुलवंत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 7471.1% |
| 13 | नन्द राम निर्दलीय | निर्दलीय | 6020.8% |
| 14 | लतीफ खान निर्दलीय | निर्दलीय | 5040.7% |
| 15 | श्री पाल ICJ | ICJ | 4480.6% |
| 16 | श्री कृष्णा वर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 4400.6% |
| 17 | छोटे लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3640.5% |
| 18 | नरवीर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3310.5% |
| 19 | जगदीश निर्दलीय | निर्दलीय | 3300.5% |
| 20 | कृष्ण वती निर्दलीय | निर्दलीय | 2670.4% |
| 21 | राम कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1780.3% |
| 22 | काली चरण वर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1350.2% |
| 23 | जगदीश सरन गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 1320.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 65% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.85 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
निगोही से कौन जीता, 1974–1996
INC ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1977 में जीत दर्ज की थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1980 के 42.8% से बढ़कर 47.6% हो गया। इसके बाद 1989 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974ओम प्रकाश (BKD), जीत का अंतर 5.4%
- 1977जगदीश सिंह (INC), जीत का अंतर 1.3%
- 1980जगदीश सिंह (INC(I)), जीत का अंतर 14.6%
- 1985अहिवरन (INC), जीत का अंतर 26.9%
- 1989अहिबरन (INC), जीत का अंतर 0.3%
- 1991कोबिद कुमार सिंह (BJP), जीत का अंतर 10.4%
- 1993पुत्तू सिंह यादव (SP), जीत का अंतर 5.2%
- 1996कोविद कुमार (BJP), जीत का अंतर 3.7%