बिनावरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
राम सेवक सिंह (BJP) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 36.3% वोट पाकर बिनावर सीट जीती और सुरेश पाल सिंह चौहान (SP) को 11,400 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 46 दातागंज थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 46 निगोही है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
8.2% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राम सेवक सिंह | 50,69036.3% | |
| 2 | सुरेश पाल सिंह चौहान संयुक्त मोर्चा | संयुक्त मोर्चा | 39,29028.1% |
| 3 | भूपेन्द्र सिंह | 31,57322.6% | |
| 4 | अबरार अहमद AKD | AKD | 14,73810.6% |
| 5 | ओमकार निर्दलीय | निर्दलीय | 8560.6% |
| 6 | चरण पाल पुत्र मुल्लो निर्दलीय | निर्दलीय | 7080.5% |
| 7 | असगर निर्दलीय | निर्दलीय | 5740.4% |
| 8 | चरण पाल पुत्र राम प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 3600.3% |
| 9 | जोगेन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 2830.2% |
| 10 | रक्ष पाल BHJS | BHJS | 2350.2% |
| 11 | पारस राम KVP | KVP | 2060.1% |
| 12 | बांके लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 930.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.66 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बिनावर से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यहाँ लगातार चौथी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1989 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 42.1% से घटकर 36.3% रह गया। मतदान प्रतिशत 1993 के 62.6% से बढ़कर 65.0% हो गया।
- 1974मोहम्मद असरार अहमद (BKD), जीत का अंतर 6.8%
- 1977अली असगर हुसैन (JNP), जीत का अंतर 1.6%
- 1980अबरार अहमद (INC(I)), जीत का अंतर 3.8%
- 1985मोहम्मद अबकर अहमद (INC), जीत का अंतर 7.3%
- 1989राम सेवक सिंह (BJP), जीत का अंतर 50.0%
- 1991राम सेवक (BJP), जीत का अंतर 33.7%
- 1993राम सेवक सिंह (BJP), जीत का अंतर 6.5%
- 1996राम सेवक सिंह (BJP), जीत का अंतर 8.2%