बिनावरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
मोहम्मद अबकर अहमद (INC) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 33.8% वोट पाकर बिनावर सीट जीती और राम स्वरूप (LKD) को 5,517 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 46 दातागंज थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 46 निगोही है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.3% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मोहम्मद अबकर अहमद | 25,58033.8% | |
| 2 | राम स्वरूप Lok Dal | Lok Dal | 20,06326.5% |
| 3 | देवकी उर्फ़ शारदादेवी ICJ | ICJ | 8,07610.7% |
| 4 | होत राम वर्मा | 5,8117.7% | |
| 5 | तौफ़ी रजा निर्दलीय | निर्दलीय | 5,3027.0% |
| 6 | हेमराज सिंह शाक्य निर्दलीय | निर्दलीय | 5,2106.9% |
| 7 | पर्वत रामपाल जनता | जनता | 4,1655.5% |
| 8 | रोशन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4950.7% |
| 9 | खेम करण निर्दलीय | निर्दलीय | 4310.6% |
| 10 | नेत्र पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3440.5% |
| 11 | भीकम सिंह | 2930.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 71% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.67 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बिनावर से कौन जीता, 1974–1996
INC ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1980 के 50.9% से बढ़कर 54.0% हो गया। इसके बाद 1989 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।
- 1974मोहम्मद असरार अहमद (BKD), जीत का अंतर 6.8%
- 1977अली असगर हुसैन (JNP), जीत का अंतर 1.6%
- 1980अबरार अहमद (INC(I)), जीत का अंतर 3.8%
- 1985मोहम्मद अबकर अहमद (INC), जीत का अंतर 7.3%
- 1989राम सेवक सिंह (BJP), जीत का अंतर 50.0%
- 1991राम सेवक (BJP), जीत का अंतर 33.7%
- 1993राम सेवक सिंह (BJP), जीत का अंतर 6.5%
- 1996राम सेवक सिंह (BJP), जीत का अंतर 8.2%