मांटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
श्याम सुन्दर शर्मा (AIIC(T)) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 33.8% वोट पाकर मांट सीट जीती और हर्ष कुमार बघेल (BSP) को 11,135 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 365 गोवर्धन थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 365 अनूपशहर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
9.4% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | श्याम सुन्दर शर्मा AIIC(T) | AIIC(T) | 39,77933.8% |
| 2 | हर्ष कुमार बघेल | 28,64424.3% | |
| 3 | पदम सिंह शर्मा | 25,93722.0% | |
| 4 | राम बाबू निर्दलीय | निर्दलीय | 21,01117.8% |
| 5 | ब्रहम देव निर्दलीय | निर्दलीय | 7590.6% |
| 6 | विक्रम सिंह KVP | KVP | 7030.6% |
| 7 | भगवती निर्दलीय | निर्दलीय | 3690.3% |
| 8 | विजय कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2110.2% |
| 9 | लक्ष्मण निर्दलीय | निर्दलीय | 1740.1% |
| 10 | गोपाल प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 940.1% |
| 11 | गंगा सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 910.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 80% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.94 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मांट से कौन जीता, 1974–1996
AIIC(T) ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1993 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह AIIC(T) की पहली जीत थी। यह 1977 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1993 के 58.4% से घटकर 54.6% रह गया।
- 1974चन्दन सिंह (BKD), जीत का अंतर 16.8%
- 1977राधे श्याम (JNP), जीत का अंतर 11.7%
- 1980लोक मणि (INC(I)), जीत का अंतर 6.6%
- 1985कुशल पाल सिंह (LKD), जीत का अंतर 0.9%
- 1989श्याम सुन्दर शर्मा (INC), जीत का अंतर 8.8%
- 1991श्याम सुन्दर शर्मा (INC), जीत का अंतर 3.5%
- 1993श्याम सुन्दर शर्मा (INC), जीत का अंतर 4.9%
- 1996श्याम सुन्दर शर्मा (AIIC(T)), जीत का अंतर 9.4%