मांटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
कुशल पाल सिंह (LKD) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 34.3% वोट पाकर मांट सीट जीती और लोकमणि (INC) को 736 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 365 गोवर्धन थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 365 अनूपशहर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
मांट का फ़ैसला सिर्फ़ 0.9% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 736 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कुशल पाल सिंह Lok Dal | Lok Dal | 27,12334.3% |
| 2 | लोकमणि | 26,38733.4% | |
| 3 | राधे श्याम निर्दलीय | निर्दलीय | 19,51924.7% |
| 4 | धर्मेन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 4,8466.1% |
| 5 | नित्यानंद ICS | ICS | 4710.6% |
| 6 | अम्मन निर्दलीय | निर्दलीय | 3950.5% |
| 7 | योगेन्द्र कुमार | 2510.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.40 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मांट से कौन जीता, 1974–1996
LKD ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह LKD की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1980 के 46.8% से बढ़कर 52.9% हो गया। इसके बाद 1989 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।
- 1974चन्दन सिंह (BKD), जीत का अंतर 16.8%
- 1977राधे श्याम (JNP), जीत का अंतर 11.7%
- 1980लोक मणि (INC(I)), जीत का अंतर 6.6%
- 1985कुशल पाल सिंह (LKD), जीत का अंतर 0.9%
- 1989श्याम सुन्दर शर्मा (INC), जीत का अंतर 8.8%
- 1991श्याम सुन्दर शर्मा (INC), जीत का अंतर 3.5%
- 1993श्याम सुन्दर शर्मा (INC), जीत का अंतर 4.9%
- 1996श्याम सुन्दर शर्मा (AIIC(T)), जीत का अंतर 9.4%