एटाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
शिशु पाल सिंह यादव (SP) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 43.2% वोट पाकर एटा सीट जीती और पीतम सिंह (BJP) को 7,190 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 348 पटियाली थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 348 छाता है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
5.7% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | शिशु पाल सिंह यादव संयुक्त मोर्चा | संयुक्त मोर्चा | 54,86043.2% |
| 2 | पीतम सिंह | 47,67037.6% | |
| 3 | प्रमोद गुप्ता | 21,77217.1% | |
| 4 | अमर पाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 7030.6% |
| 5 | कुसमा BEP | BEP | 6960.6% |
| 6 | बृजेश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 5680.5% |
| 7 | जितेन्द्र कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2820.2% |
| 8 | दवेन्द्र कुमार BHJS | BHJS | 2690.2% |
| 9 | राज पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 450.0% |
| 10 | ब्रहम देव KVP | KVP | 300.0% |
| 11 | राजेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 140.0% |
| 12 | राम खिलाड़ी निर्दलीय | निर्दलीय | 80.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
SP, BJP और INC को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.80 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
एटा से कौन जीता, 1974–1996
SP ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1993 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह SP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1993 के 61.7% से घटकर 58.4% रह गया।
- 1974गंगा प्रसाद (NCO), जीत का अंतर 3.9%
- 1977गंगा प्रसाद (JNP), जीत का अंतर 23.7%
- 1980कैलाश चन्द्र (INC(I)), जीत का अंतर 12.6%
- 1985अतर सिंह यादव (LKD), जीत का अंतर 3.7%
- 1989अतर सिंह यादव (JD), जीत का अंतर 11.3%
- 1991पीतम सिंह (BJP), जीत का अंतर 12.8%
- 1993पीतम सिंह (BJP), जीत का अंतर 4.9%
- 1996शिशु पाल सिंह यादव (SP), जीत का अंतर 5.7%