एटाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
पीतम सिंह (BJP) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 45.1% वोट पाकर एटा सीट जीती और अत्तर सिंह यादव (JP) को 10,860 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 348 पटियाली थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 348 छाता है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
12.8% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
14 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | पीतम सिंह | 38,22745.1% | |
| 2 | अत्तर सिंह यादव JP | JP | 27,36732.3% |
| 3 | हंस राज सिंह | 8,63210.2% | |
| 4 | राजा राम जनता दल | जनता दल | 6,2447.4% |
| 5 | महेश चन्द | 2,0932.5% | |
| 6 | राम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 7550.9% |
| 7 | राम निवास निर्दलीय | निर्दलीय | 3850.5% |
| 8 | देवेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2530.3% |
| 9 | रमेश चन्द | 2170.3% | |
| 10 | नेम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1780.2% |
| 11 | प्रदीप कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1380.2% |
| 12 | अवधेश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 900.1% |
| 13 | बलबीर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 770.1% |
| 14 | रामेश्वर निर्दलीय | निर्दलीय | 740.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.08 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
एटा से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। यह 1977 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1989 के 48.5% से बढ़कर 51.2% हो गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974गंगा प्रसाद (NCO), जीत का अंतर 3.9%
- 1977गंगा प्रसाद (JNP), जीत का अंतर 23.7%
- 1980कैलाश चन्द्र (INC(I)), जीत का अंतर 12.6%
- 1985अतर सिंह यादव (LKD), जीत का अंतर 3.7%
- 1989अतर सिंह यादव (JD), जीत का अंतर 11.3%
- 1991पीतम सिंह (BJP), जीत का अंतर 12.8%
- 1993पीतम सिंह (BJP), जीत का अंतर 4.9%
- 1996शिशु पाल सिंह यादव (SP), जीत का अंतर 5.7%