सकीटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
वीरेन्द्र सिंह (SP) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 44.7% वोट पाकर सकीट सीट जीती और सूरज सिंह शाक्य (BJP) को 12,772 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 345 घिरोर थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 345 फतेहपुर सीकरी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
11.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | वीरेन्द्र सिंह संयुक्त मोर्चा | संयुक्त मोर्चा | 49,58744.7% |
| 2 | सूरज सिंह शाक्य | 36,81533.2% | |
| 3 | भूप सिंह राठौर | 22,11519.9% | |
| 4 | दल चन्द्र BHJS | BHJS | 6590.6% |
| 5 | राजवीर सिंह चौहान निर्दलीय | निर्दलीय | 5790.5% |
| 6 | नारायण देव शाक्य AD | AD | 4160.4% |
| 7 | राम खिलाड़ी निर्दलीय | निर्दलीय | 4070.4% |
| 8 | नाथू राम निर्दलीय | निर्दलीय | 3020.3% |
| 9 | वेद व्यास निर्दलीय | निर्दलीय | 950.1% |
| 10 | सिया राम निर्दलीय | निर्दलीय | 290.0% |
| 11 | नरेन्द्र सिंह पामर निर्दलीय | निर्दलीय | 110.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
SP, BJP और BSP को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.86 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सकीट से कौन जीता, 1974–1996
SP ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1993 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह SP की पहली जीत थी। यह 1980 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1993 के 63.4% से घटकर 60.5% रह गया।
- 1974प्यारे लाल (BJS), जीत का अंतर 6.8%
- 1977प्यारे लाल (JNP), जीत का अंतर 14.7%
- 1980नेत्रपाल सिंह (INC(I)), जीत का अंतर 13.0%
- 1985वीरेन्द्र सिंह (JNP), जीत का अंतर 3.8%
- 1989वीरेन्द्र सिंह (JD), जीत का अंतर 3.5%
- 1991सूरज सिंह शाक्य (BJP), जीत का अंतर 5.1%
- 1993सूरज सिंह (BJP), जीत का अंतर 7.3%
- 1996वीरेन्द्र सिंह (SP), जीत का अंतर 11.5%