फ़र्रुखाबादविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
ब्रह्म दत्त द्विवेदी (BJP) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 42.4% वोट पाकर फ़र्रुखाबाद सीट जीती और लाल बहादुर सिंह शाक्य (SP) को 14,545 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 312 भरथना थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 312 झांसी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
12.1% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | ब्रह्म दत्त द्विवेदी | 50,81042.4% | |
| 2 | लाल बहादुर सिंह शाक्य संयुक्त मोर्चा | संयुक्त मोर्चा | 36,26530.2% |
| 3 | विजय सिंह | 30,40025.3% | |
| 4 | जग मोहन सिंह वर्मा SJP(R) | SJP(R) | 6320.5% |
| 5 | राम प्रकाश BHJS | BHJS | 5700.5% |
| 6 | आशा श्रीवास्तव निर्दलीय | निर्दलीय | 5340.5% |
| 7 | सुरेश सारस्वत इलायचीवाला निर्दलीय | निर्दलीय | 5340.5% |
| 8 | बागीश नन्दन निर्दलीय | निर्दलीय | 2040.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, SP और INC को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.98 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
फ़र्रुखाबाद से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1991 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 37.5% से बढ़कर 42.4% हो गया। यह 1980 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1993 के 53.8% से घटकर 46.5% रह गया।
- 1974विमला प्रसाद (INC), जीत का अंतर 13.0%
- 1977ब्रहम दत्त द्विवेदी (JNP), जीत का अंतर 20.7%
- 1980विमल प्रसाद तिवारी (INC(I)), जीत का अंतर 18.5%
- 1985ब्रहम दत्त द्विवेदी (BJP), जीत का अंतर 8.6%
- 1989विमल प्रसाद तिवारी (INC), जीत का अंतर 5.8%
- 1991ब्रह्म दत्त द्विवेदी (BJP), जीत का अंतर 10.3%
- 1993ब्रह्म दत्त द्विवेदी (BJP), जीत का अंतर 3.7%
- 1996ब्रह्म दत्त द्विवेदी (BJP), जीत का अंतर 12.1%