फ़र्रुखाबादविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
ब्रहम दत्त द्विवेदी (BJP) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 46.9% वोट पाकर फ़र्रुखाबाद सीट जीती और विमल तिवारी (INC) को 5,323 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 312 भरथना थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 312 झांसी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
8.6% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
22 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | ब्रहम दत्त द्विवेदी | 29,12746.9% | |
| 2 | विमल तिवारी | 23,80438.3% | |
| 3 | इन्द्र भान सिंह Lok Dal | Lok Dal | 4,2146.8% |
| 4 | तुलाराम निर्दलीय | निर्दलीय | 7791.3% |
| 5 | मो. नवाज निर्दलीय | निर्दलीय | 6181.0% |
| 6 | मुख राम निर्दलीय | निर्दलीय | 5650.9% |
| 7 | बंशी जमा खान निर्दलीय | निर्दलीय | 5280.8% |
| 8 | सीता राम | 5040.8% | |
| 9 | प्रेम सागर कायशप निर्दलीय | निर्दलीय | 3230.5% |
| 10 | राधा श्यामा निर्दलीय | निर्दलीय | 2170.3% |
| 11 | हबाबलम खॉ उर्फ़ प्रया भाई निर्दलीय | निर्दलीय | 2150.3% |
| 12 | इंग्लिश भान निर्दलीय | निर्दलीय | 2020.3% |
| 13 | काजी अली जाफ़रशाह रेयाजी निर्दलीय | निर्दलीय | 1760.3% |
| 14 | देवी दयाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1750.3% |
| 15 | जगपाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1630.3% |
| 16 | महमूद यूसुफ निर्दलीय | निर्दलीय | 990.2% |
| 17 | विष्णु दयाल निर्दलीय | निर्दलीय | 950.1% |
| 18 | नाथू उर्फ़ पवन कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 810.1% |
| 19 | श्री राम यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 760.1% |
| 20 | शकुन्तला वर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 680.1% |
| 21 | आफताब हुसैन निर्दलीय | निर्दलीय | 660.1% |
| 22 | धर्म नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 570.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और LKD को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.69 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
फ़र्रुखाबाद से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1980 के 44.3% से घटकर 38.8% रह गया। इसके बाद 1989 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।
- 1974विमला प्रसाद (INC), जीत का अंतर 13.0%
- 1977ब्रहम दत्त द्विवेदी (JNP), जीत का अंतर 20.7%
- 1980विमल प्रसाद तिवारी (INC(I)), जीत का अंतर 18.5%
- 1985ब्रहम दत्त द्विवेदी (BJP), जीत का अंतर 8.6%
- 1989विमल प्रसाद तिवारी (INC), जीत का अंतर 5.8%
- 1991ब्रह्म दत्त द्विवेदी (BJP), जीत का अंतर 10.3%
- 1993ब्रह्म दत्त द्विवेदी (BJP), जीत का अंतर 3.7%
- 1996ब्रह्म दत्त द्विवेदी (BJP), जीत का अंतर 12.1%