फतेहपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
राधे श्याम गुप्ता (BJP) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 35.5% वोट पाकर फतेहपुर सीट जीती और ओम प्रकाश वर्मा लोधी (BSP) को 4,634 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 284 मंझनपुर थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 284 डेरापुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। राधे श्याम गुप्ता 3.4% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राधे श्याम गुप्ता | 48,65735.5% | |
| 2 | ओम प्रकाश वर्मा लोधी | 44,02332.1% | |
| 3 | क्षत्र पाल वर्मा संयुक्त मोर्चा | संयुक्त मोर्चा | 31,64523.1% |
| 4 | सलाउद्दीन उर्फ़ रजमी निर्दलीय | निर्दलीय | 8,0235.8% |
| 5 | महमूद अहमद सिद्दीकी BKKGP | BKKGP | 3,0792.2% |
| 6 | राम सागर सिंह पटेल निर्दलीय | निर्दलीय | 8010.6% |
| 7 | कामता प्रसाद BHJS | BHJS | 7330.5% |
| 8 | बिशम्भर नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 2120.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.50 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
फतेहपुर से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने 1993 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 39.4% से घटकर 35.5% रह गया। यह 1980 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1993 के 51.7% से घटकर 50.6% रह गया।
- 1974सलाहउदीन उर्फ़ नब्बन (INC), जीत का अंतर 5.6%
- 1977खान गुफरान ज़ाहिदी (JNP), जीत का अंतर 20.5%
- 1980खान गुफरान ज़ाहिदी (INC(I)), जीत का अंतर 2.8%
- 1985खान गुफरान जहांदी (INC), जीत का अंतर 5.2%
- 1989सैयद लियाकत हुसैन (JD), जीत का अंतर 15.4%
- 1991सै. कासिम हसन (JD), जीत का अंतर 29.2%
- 1993राधे श्याम गुप्ता (BJP), जीत का अंतर 13.6%
- 1996राधे श्याम गुप्ता (BJP), जीत का अंतर 3.4%