फतेहपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
सै. कासिम हसन (JD) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 50.9% वोट पाकर फतेहपुर सीट जीती और राधे श्याम गुप्ता (BJP) को 24,781 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 284 मंझनपुर थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 284 डेरापुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — सै. कासिम हसन 29.2% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
26 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सै. कासिम हसन जनता दल | जनता दल | 43,21050.9% |
| 2 | राधे श्याम गुप्ता | 18,42921.7% | |
| 3 | सूरज पाल लोधी | 11,70813.8% | |
| 4 | खान गुफरान ज़ाहिदी | 4,0624.8% | |
| 5 | मोहम्मद वसीम अंसारी JP | JP | 3,5494.2% |
| 6 | विजय कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 6050.7% |
| 7 | छेदा सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4600.5% |
| 8 | विशाल | 3920.5% | |
| 9 | रामराज वर्मा पत्रकार निर्दलीय | निर्दलीय | 3230.4% |
| 10 | जग लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3220.4% |
| 11 | हरि ओम निर्दलीय | निर्दलीय | 2140.3% |
| 12 | राजेश निर्दलीय | निर्दलीय | 2120.3% |
| 13 | ग़फ़्फ़ार निर्दलीय | निर्दलीय | 2040.2% |
| 14 | मकबूल अख्तर उर्फ़ अल्लू निर्दलीय | निर्दलीय | 1920.2% |
| 15 | शिव शंकर निर्दलीय | निर्दलीय | 1470.2% |
| 16 | रमेश सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1370.2% |
| 17 | उमेश चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 1340.2% |
| 18 | राम लाल | 950.1% | |
| 19 | श्री राम निर्दलीय | निर्दलीय | 950.1% |
| 20 | धान राज निर्दलीय | निर्दलीय | 920.1% |
| 21 | राम बाबू | 690.1% | |
| 22 | विजय कृष्ण निर्दलीय | निर्दलीय | 680.1% |
| 23 | प्रभु दयाल निर्दलीय | निर्दलीय | 660.1% |
| 24 | राम प्रसाद सैनी ALD | ALD | 640.1% |
| 25 | शिव गोपाल शुक्ला उर्फ़ मुन्शी शुक्ला निर्दलीय | निर्दलीय | 510.1% |
| 26 | आशिक अली निर्दलीय | निर्दलीय | 50.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 86% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.04 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
फतेहपुर से कौन जीता, 1974–1996
JD ने 1989 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 38.0% से बढ़कर 50.9% हो गया। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1989 के 44.6% से घटकर 40.3% रह गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।
- 1974सलाहउदीन उर्फ़ नब्बन (INC), जीत का अंतर 5.6%
- 1977खान गुफरान ज़ाहिदी (JNP), जीत का अंतर 20.5%
- 1980खान गुफरान ज़ाहिदी (INC(I)), जीत का अंतर 2.8%
- 1985खान गुफरान जहांदी (INC), जीत का अंतर 5.2%
- 1989सैयद लियाकत हुसैन (JD), जीत का अंतर 15.4%
- 1991सै. कासिम हसन (JD), जीत का अंतर 29.2%
- 1993राधे श्याम गुप्ता (BJP), जीत का अंतर 13.6%
- 1996राधे श्याम गुप्ता (BJP), जीत का अंतर 3.4%