फरेन्दाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
विनोद मणि (CPM) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 43.2% वोट पाकर फरेन्दा सीट जीती और शिवेन्द्र (BJP) को 21,676 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 189 पिपराइच थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 189 सलेमपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — विनोद मणि 17.8% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | विनोद मणि संयुक्त मोर्चा | संयुक्त मोर्चा | 52,67443.2% |
| 2 | शिवेन्द्र | 30,99825.4% | |
| 3 | राम चरित्र चौधरी | 25,87021.2% | |
| 4 | सैयद ज़हीन अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 4,4373.6% |
| 5 | कैलाश नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 2,0531.7% |
| 6 | प्रसादी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4621.2% |
| 7 | गोरख प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3401.1% |
| 8 | अब्दुल हसन खान मंजरी NLP | NLP | 1,0080.8% |
| 9 | बृजेश | 6860.6% | |
| 10 | अरविन्द मिश्रा निर्दलीय | निर्दलीय | 6250.5% |
| 11 | परमेश्वर BHJS | BHJS | 5920.5% |
| 12 | राम कृष्ण JP | JP | 2850.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 90% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.36 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
फरेन्दा से कौन जीता, 1974–1996
CPM ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1993 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह CPM की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1993 के 58.4% से घटकर 57.0% रह गया।
- 1974लक्ष्मी नारायण (CPI), जीत का अंतर 7.5%
- 1977श्याम नारायण तिवारी (CPI), जीत का अंतर 11.9%
- 1980श्याम नारायण तिवारी (IND), जीत का अंतर 12.2%
- 1985हर्स बर्धन (JNP), जीत का अंतर 8.0%
- 1989श्याम नारायण (INC), जीत का अंतर 14.8%
- 1991श्याम नारायण (INC), जीत का अंतर 1.4%
- 1993शिवेन्द्र (BJP), जीत का अंतर 0.0%
- 1996विनोद मणि (CPM), जीत का अंतर 17.8%