फरेन्दाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
श्याम नारायण (INC) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 28.0% वोट पाकर फरेन्दा सीट जीती और तुलसी राम गौड़ (BJP) को 1,308 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 189 पिपराइच थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 189 सलेमपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
फरेन्दा का फ़ैसला सिर्फ़ 1.4% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,308 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
13 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | श्याम नारायण | 26,32528.0% | |
| 2 | तुलसी राम गौड़ | 25,01726.6% | |
| 3 | जीवन यादव जनता दल | जनता दल | 17,58918.7% |
| 4 | गुलाब राज यादव | 7,0787.5% | |
| 5 | विनोद शंकर वाम दल | वाम दल | 6,2886.7% |
| 6 | लक्ष्मी नारायण पाण्डेय वाम दल | वाम दल | 5,0655.4% |
| 7 | जगदम्बा JP | JP | 3,7974.0% |
| 8 | अम्बिका निर्दलीय | निर्दलीय | 5840.6% |
| 9 | अग्नू निर्दलीय | निर्दलीय | 5560.6% |
| 10 | प्रेम कुमार | 4980.5% | |
| 11 | इल्ताफ निर्दलीय | निर्दलीय | 4910.5% |
| 12 | मधुसूदन निर्दलीय | निर्दलीय | 4750.5% |
| 13 | नर सिंह | 1520.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 73% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.01 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
फरेन्दा से कौन जीता, 1974–1996
INC ने 1989 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 35.4% से घटकर 28.0% रह गया। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत लगभग 1989 जितना ही रहा: 53.2%। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।
- 1974लक्ष्मी नारायण (CPI), जीत का अंतर 7.5%
- 1977श्याम नारायण तिवारी (CPI), जीत का अंतर 11.9%
- 1980श्याम नारायण तिवारी (IND), जीत का अंतर 12.2%
- 1985हर्स बर्धन (JNP), जीत का अंतर 8.0%
- 1989श्याम नारायण (INC), जीत का अंतर 14.8%
- 1991श्याम नारायण (INC), जीत का अंतर 1.4%
- 1993शिवेन्द्र (BJP), जीत का अंतर 0.0%
- 1996विनोद मणि (CPM), जीत का अंतर 17.8%