दीक्षिरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
रमापति शास्त्री (BJP) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 43.5% वोट पाकर दीक्षिर सीट जीती और बाबू लाल पुत्र बुधा राम (INC) को 12,108 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 164 गोन्डा थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 164 धुरियापार है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
12.1% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रमापति शास्त्री | 43,71543.5% | |
| 2 | बाबू लाल पुत्र बुधा राम | 31,60731.4% | |
| 3 | देवेन्द्र प्रताप कुरील उर्फ़ दुबरे संयुक्त मोर्चा | संयुक्त मोर्चा | 19,96419.9% |
| 4 | राज कुमार पासवान संयुक्त मोर्चा | संयुक्त मोर्चा | 1,8281.8% |
| 5 | राम नारायण BHJS | BHJS | 9490.9% |
| 6 | राम बचन रावत BSP(R) | BSP(R) | 6050.6% |
| 7 | राम सेवक निर्दलीय | निर्दलीय | 4220.4% |
| 8 | राम स्वरूप निर्दलीय | निर्दलीय | 4190.4% |
| 9 | राम दत्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 3230.3% |
| 10 | रंगीले निर्दलीय | निर्दलीय | 3190.3% |
| 11 | बाबू लाल पुत्र राम लोटन निर्दलीय | निर्दलीय | 2060.2% |
| 12 | अजय नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 1530.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.05 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
दीक्षिर से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यहाँ लगातार चौथी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1989 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 47.9% से घटकर 43.5% रह गया। मतदान प्रतिशत 1993 के 46.5% से घटकर 45.9% रह गया।
- 1974राम पति (BJS), जीत का अंतर 18.1%
- 1977राम पति (JNP), जीत का अंतर 31.9%
- 1980बाबू लाल (INC(I)), जीत का अंतर 14.4%
- 1985बाबू लाल (INC), जीत का अंतर 5.6%
- 1989रमापति शास्त्री (BJP), जीत का अंतर 4.3%
- 1991रामा पति शास्त्री (BJP), जीत का अंतर 22.7%
- 1993रामा पति शास्त्री (BJP), जीत का अंतर 13.8%
- 1996रमापति शास्त्री (BJP), जीत का अंतर 12.1%