दीक्षिरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
रामा पति शास्त्री (BJP) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 53.1% वोट पाकर दीक्षिर सीट जीती और बाबू लाल (INC) को 17,964 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 164 गोन्डा थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 164 धुरियापार है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — रामा पति शास्त्री 22.7% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रामा पति शास्त्री | 41,94353.1% | |
| 2 | बाबू लाल | 23,97930.4% | |
| 3 | साहेब दीन JP | JP | 6,7978.6% |
| 4 | राम चन्द्र | 1,5231.9% | |
| 5 | राम वृक्ष जनता दल | जनता दल | 1,2951.6% |
| 6 | राम पूरन निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2201.5% |
| 7 | रामायण दास निर्दलीय | निर्दलीय | 4620.6% |
| 8 | राम पत निर्दलीय | निर्दलीय | 4080.5% |
| 9 | रंगीले निर्दलीय | निर्दलीय | 3960.5% |
| 10 | जगन नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 3390.4% |
| 11 | बिजय निर्दलीय | निर्दलीय | 3170.4% |
| 12 | रामा नन्द | 3090.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और JP को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.61 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
दीक्षिर से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने 1989 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 48.3% से बढ़कर 53.1% हो गया। यह 1977 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1989 के 40.5% से बढ़कर 44.3% हो गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974राम पति (BJS), जीत का अंतर 18.1%
- 1977राम पति (JNP), जीत का अंतर 31.9%
- 1980बाबू लाल (INC(I)), जीत का अंतर 14.4%
- 1985बाबू लाल (INC), जीत का अंतर 5.6%
- 1989रमापति शास्त्री (BJP), जीत का अंतर 4.3%
- 1991रामा पति शास्त्री (BJP), जीत का अंतर 22.7%
- 1993रामा पति शास्त्री (BJP), जीत का अंतर 13.8%
- 1996रमापति शास्त्री (BJP), जीत का अंतर 12.1%