लखनउ कैन्टोनमेंटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
सुरेश चन्द्र तिवारी (BJP) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 63.8% वोट पाकर लखनउ कैन्टोनमेंट सीट जीती और राज किशोर मिश्रा (SP) को 43,786 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में भी सीट नंबर 104 का नाम लखनउ कैन्टोनमेंट था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 104 पट्टी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — सुरेश चन्द्र तिवारी 45.2% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सुरेश चन्द्र तिवारी | 61,83663.8% | |
| 2 | राज किशोर मिश्रा संयुक्त मोर्चा | संयुक्त मोर्चा | 18,05018.6% |
| 3 | सुभाष कपूर | 15,47316.0% | |
| 4 | उदय प्रताप सिंह उर्फ़ यू.पी. सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 6090.6% |
| 5 | ओम प्रकाश BHJS | BHJS | 5550.6% |
| 6 | प्रमोद कुमार यादव RSPP | RSPP | 2170.2% |
| 7 | काका जोगिंद्र सिंह उर्फ़ धरती पकड़ निर्दलीय | निर्दलीय | 970.1% |
| 8 | भूपाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 510.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और SP को 82% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.14 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
लखनउ कैन्टोनमेंट से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1991 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 52.1% से बढ़कर 63.8% हो गया। यह 1985 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1993 के 48.9% से घटकर 36.5% रह गया।
- 1974चरण सिंह (INC), जीत का अंतर 20.3%
- 1977कृष्ण कान्त मिश्र (JNP), जीत का अंतर 29.3%
- 1980प्रेमवती तिवारी (INC(I)), जीत का अंतर 31.1%
- 1985प्रेमवती तिवारी (INC), जीत का अंतर 58.3%
- 1989प्रेमवती तिवारी (INC), जीत का अंतर 3.6%
- 1991सतीश भाटिया (BJP), जीत का अंतर 27.1%
- 1993सतीश भाटिया (BJP), जीत का अंतर 23.5%
- 1996सुरेश चन्द्र तिवारी (BJP), जीत का अंतर 45.2%