मुजफ्फरनगरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
सुरेश संगल (BJP) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 52.9% वोट पाकर मुजफ्फरनगर सीट जीती और क़ादिर राणा (SP) को 27,717 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 408 जानसठ थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से कोई सीट नंबर 408 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — सुरेश संगल 15.8% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
43 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सुरेश संगल | 92,40052.9% | |
| 2 | क़ादिर राणा समाजवादी पार्टी | समाजवादी पार्टी | 64,68337.0% |
| 3 | राजपाल सिंह सैनी जनता दल | जनता दल | 7,1604.1% |
| 4 | शम्भू चरण भारद्वाज | 3,9692.3% | |
| 5 | बालेश्वर निर्दलीय | निर्दलीय | 2,8001.6% |
| 6 | योगेन्द्र कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3620.8% |
| 7 | महेश निर्दलीय | निर्दलीय | 3420.2% |
| 8 | वीरेन्द्र कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2330.1% |
| 9 | सुनील कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1960.1% |
| 10 | कमरुज़्ज़मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1640.1% |
| 11 | किरण पाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1300.1% |
| 12 | त्रिभुवन कुमार | 1090.1% | |
| 13 | सरताज निर्दलीय | निर्दलीय | 1070.1% |
| 14 | महेन्द्र | 900.1% | |
| 15 | राज कुमार जैन निर्दलीय | निर्दलीय | 890.1% |
| 16 | सोम पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 870.1% |
| 17 | राजेश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 740.0% |
| 18 | रमेश चन्द जैन निर्दलीय | निर्दलीय | 700.0% |
| 19 | वल्ला BMSM | BMSM | 680.0% |
| 20 | सीता राम निर्दलीय | निर्दलीय | 570.0% |
| 21 | बृजेश निर्दलीय | निर्दलीय | 560.0% |
| 22 | ओम प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 550.0% |
| 23 | रामू निर्दलीय | निर्दलीय | 470.0% |
| 24 | राजेन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 470.0% |
| 25 | विजय कुमार सर्राफ निर्दलीय | निर्दलीय | 430.0% |
| 26 | ज्ञान प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 390.0% |
| 27 | काका जोगिंदर सिंह उर्फ़ धरती पकड़ निर्दलीय | निर्दलीय | 350.0% |
| 28 | जुल्फकार अली निर्दलीय | निर्दलीय | 330.0% |
| 29 | नील रतन निर्दलीय | निर्दलीय | 330.0% |
| 30 | बाल किशन निर्दलीय | निर्दलीय | 290.0% |
| 31 | दिनेश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 270.0% |
| 32 | महेन्द्र कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 260.0% |
| 33 | सतीश चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 230.0% |
| 34 | मोहम्मद इसराइल निर्दलीय | निर्दलीय | 230.0% |
| 35 | इंदरपाल निर्दलीय | निर्दलीय | 230.0% |
| 36 | जसवीर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 220.0% |
| 37 | सत्यपाल निर्दलीय | निर्दलीय | 160.0% |
| 38 | आशीष निर्दलीय | निर्दलीय | 150.0% |
| 39 | राजेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 150.0% |
| 40 | अनिल कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 140.0% |
| 41 | ईश्वर दयाल निर्दलीय | निर्दलीय | 130.0% |
| 42 | प्रवीर निर्दलीय | निर्दलीय | 80.0% |
| 43 | रोहताश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 60.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, SP और JD को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.39 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मुजफ्फरनगर से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने 1991 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 54.6% से घटकर 52.9% रह गया। यह 1974 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1991 के 57.0% से बढ़कर 71.3% हो गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974चितरंजन स्वरूप (INC), जीत का अंतर 7.8%
- 1977मालती शर्मा (JNP), जीत का अंतर 27.5%
- 1980विद्या भूषण (INC(I)), जीत का अंतर 17.5%
- 1985चारुशीला (INC), जीत का अंतर 24.8%
- 1989सोमांश प्रकाश (JD), जीत का अंतर 34.5%
- 1991सुरेश संगल (BJP), जीत का अंतर 25.8%
- 1993सुरेश संगल (BJP), जीत का अंतर 15.8%
- 1996सुशीला देवी (BJP), जीत का अंतर 4.8%