मेरठविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
अखलाख (JD) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 48.2% वोट पाकर मेरठ सीट जीती और लक्ष्मी कान्त बाजपेयी (BJP) को 5,497 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 397 हस्तिनापुर थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 397 नकुड़ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। अखलाख 3.3% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
47 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अखलाख जनता दल | जनता दल | 80,33948.2% |
| 2 | लक्ष्मी कान्त बाजपेयी | 74,84244.9% | |
| 3 | कृष्ण कुमार शर्मा किशनी | 7,5224.5% | |
| 4 | मो. अशरफ | 1,1590.7% | |
| 5 | अजमल नवाज समाजवादी पार्टी | समाजवादी पार्टी | 8770.5% |
| 6 | इकबाल निर्दलीय | निर्दलीय | 5050.3% |
| 7 | नरेन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 3270.2% |
| 8 | अख्तर निर्दलीय | निर्दलीय | 1250.1% |
| 9 | जावेद निर्दलीय | निर्दलीय | 1060.1% |
| 10 | विद्यावती निर्दलीय | निर्दलीय | 810.1% |
| 11 | संजय कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 720.0% |
| 12 | विष्णु जैरथ निर्दलीय | निर्दलीय | 450.0% |
| 13 | अलीमुद्दीन निर्दलीय | निर्दलीय | 430.0% |
| 14 | जगदीश शर्मा वाम दल | वाम दल | 390.0% |
| 15 | हरि मोहन निर्दलीय | निर्दलीय | 370.0% |
| 16 | अनिल कुमार गर्ग निर्दलीय | निर्दलीय | 360.0% |
| 17 | हीरा लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 350.0% |
| 18 | राजू उर्फ़ राज कुमार सोनी | 330.0% | |
| 19 | अनिल कुमार महेश्वरी निर्दलीय | निर्दलीय | 330.0% |
| 20 | चेतन दत्त शर्मा MB | MB | 300.0% |
| 21 | धर्म पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 280.0% |
| 22 | गजानफ़र निर्दलीय | निर्दलीय | 250.0% |
| 23 | मो. अनवर लईक निर्दलीय | निर्दलीय | 250.0% |
| 24 | मो. असलम निर्दलीय | निर्दलीय | 240.0% |
| 25 | विश्व बंधु निर्दलीय | निर्दलीय | 230.0% |
| 26 | मंगे राम निर्दलीय | निर्दलीय | 200.0% |
| 27 | काका जोगिंद्र सिंह उर्फ़ धरती पकड़ निर्दलीय | निर्दलीय | 190.0% |
| 28 | जुबेर अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 180.0% |
| 29 | रफीक निर्दलीय | निर्दलीय | 170.0% |
| 30 | प्रभा वती निर्दलीय | निर्दलीय | 170.0% |
| 31 | अशोक कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 170.0% |
| 32 | विनोद कुमार सिंह | 150.0% | |
| 33 | संजय कौशिक निर्दलीय | निर्दलीय | 150.0% |
| 34 | अनिल गोयल निर्दलीय | निर्दलीय | 150.0% |
| 35 | शाहिद निर्दलीय | निर्दलीय | 140.0% |
| 36 | धर्मेन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 140.0% |
| 37 | मो. अहसन BMSM | BMSM | 140.0% |
| 38 | दिनेश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 130.0% |
| 39 | मो. अब्बास निर्दलीय | निर्दलीय | 130.0% |
| 40 | ओम पाल गर्ग निर्दलीय | निर्दलीय | 120.0% |
| 41 | चमन लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 120.0% |
| 42 | लोकेश निर्दलीय | निर्दलीय | 120.0% |
| 43 | आबिद निर्दलीय | निर्दलीय | 110.0% |
| 44 | महेश चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 110.0% |
| 45 | अनीस निर्दलीय | निर्दलीय | 80.0% |
| 46 | रविन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 80.0% |
| 47 | प्रदीप कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 70.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JD और BJP को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.29 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मेरठ से कौन जीता, 1974–1996
JD ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1989 के 53.8% से बढ़कर 73.0% हो गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।