गंगीरीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
वीरेश्वर सिंह उर्फ़ वीरेश यादव (SP) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 38.8% वोट पाकर गंगीरी सीट जीती और राम सिंह (BJP) को 4,937 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 371 हाथरस थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 371 दादरी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। वीरेश्वर सिंह उर्फ़ वीरेश यादव 4.0% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
19 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | वीरेश्वर सिंह उर्फ़ वीरेश यादव SP-BSP alliance ('Mile Mulayam-Kanshi Ram'), Uttar Pradesh 1993 | SP-BSP alliance ('Mile Mulayam-Kanshi Ram'), Uttar Pradesh 1993 | 48,20938.8% |
| 2 | राम सिंह | 43,27234.9% | |
| 3 | रजनेश सिंह | 18,68915.1% | |
| 4 | महेश यादव जनता दल | जनता दल | 9,1217.3% |
| 5 | चरण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2821.0% |
| 6 | प्रभु दयाल निर्दलीय | निर्दलीय | 7160.6% |
| 7 | रोशन सिंहज | 5090.4% | |
| 8 | काका जोगेन्द्र सिंह उर्फ़ धरती पकड़ निर्दलीय | निर्दलीय | 3770.3% |
| 9 | दान सहाय निर्दलीय | निर्दलीय | 3640.3% |
| 10 | वीरपाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3410.3% |
| 11 | भगवान सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2250.2% |
| 12 | रणवीर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2100.2% |
| 13 | चवेंद्र पाल उर्फ़ चन्द्र पाल सिंह | 1770.1% | |
| 14 | विष्णु कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1640.1% |
| 15 | मोहम्मद हफीज निर्दलीय | निर्दलीय | 1620.1% |
| 16 | बलदेव सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1210.1% |
| 17 | चन्द्र पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 760.1% |
| 18 | अविनाश गौड़ निर्दलीय | निर्दलीय | 760.1% |
| 19 | ज्ञानेन्द्र स्वरूप निर्दलीय | निर्दलीय | 730.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.33 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गंगीरी से कौन जीता, 1974–1996
SP ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1991 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह SP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1991 के 52.2% से बढ़कर 62.6% हो गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।
- 1974बाबू सिंह (BKD), जीत का अंतर 2.6%
- 1977बाबू सिंह (JNP), जीत का अंतर 23.8%
- 1980बाबू सिंह (JNP(SC)), जीत का अंतर 4.0%
- 1985तिलक सिंह (INC), जीत का अंतर 0.3%
- 1989बाबू सिंह (JD), जीत का अंतर 13.4%
- 1991राम सिंह (BJP), जीत का अंतर 6.5%
- 1993वीरेश्वर सिंह उर्फ़ वीरेश यादव (SP), जीत का अंतर 4.0%
- 1996राम सिंह (BJP), जीत का अंतर 0.5%