सिकंदराराऊविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
अमर सिंह (SP) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 36.6% वोट पाकर सिकंदराराऊ सीट जीती और सेक्रेटरी सिंह (BJP) को 20,433 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 370 सादाबाद थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 370 सिकंदराबाद है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — अमर सिंह 16.4% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
25 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अमर सिंह SP-BSP alliance ('Mile Mulayam-Kanshi Ram'), Uttar Pradesh 1993 | SP-BSP alliance ('Mile Mulayam-Kanshi Ram'), Uttar Pradesh 1993 | 45,59936.6% |
| 2 | सेक्रेटरी सिंह | 25,16620.2% | |
| 3 | सुरेश प्रताप गांधी जनता दल | जनता दल | 24,57319.7% |
| 4 | रक्षपाल सिंह बघेल | 22,34417.9% | |
| 5 | विनोद कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3,0122.4% |
| 6 | मुरारी लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 9300.8% |
| 7 | धर्मवीर सिंह JP | JP | 4650.4% |
| 8 | डम्बर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4420.3% |
| 9 | रवेन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 3200.3% |
| 10 | कृषदेव शास्त्री निर्दलीय | निर्दलीय | 2640.2% |
| 11 | पन्नालाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1750.1% |
| 12 | गोरी शंकर निर्दलीय | निर्दलीय | 1560.1% |
| 13 | बलवीर सिंह चौहान निर्दलीय | निर्दलीय | 1250.1% |
| 14 | जय प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 1180.1% |
| 15 | नाथूराम निर्दलीय | निर्दलीय | 1060.1% |
| 16 | जयवीर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1060.1% |
| 17 | अनिल कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 860.1% |
| 18 | राम प्रसाद | 790.1% | |
| 19 | राम कुमार उपाध्याय निर्दलीय | निर्दलीय | 770.1% |
| 20 | राम सनेही निर्दलीय | निर्दलीय | 760.1% |
| 21 | रेंजेंद्र निर्दलीय | निर्दलीय | 740.1% |
| 22 | मनोहर लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 620.1% |
| 23 | विजय प्रताप सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 610.1% |
| 24 | कुंवर भारत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 600.1% |
| 25 | नेत्रपाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 420.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 77% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.05 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सिकंदराराऊ से कौन जीता, 1974–1996
SP ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1991 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह SP की पहली जीत थी। यह 1977 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1991 के 46.7% से बढ़कर 61.0% हो गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।
- 1974फ़रज़ंद अली (BKD), जीत का अंतर 1.3%
- 1977नेम सिंह चौहान (JNP), जीत का अंतर 22.3%
- 1980पुष्पा चौहान (INC(I)), जीत का अंतर 4.9%
- 1985सुरेश प्रताप सिंह (LKD), जीत का अंतर 9.3%
- 1989सुरेश प्रताप गांधी (JD), जीत का अंतर 10.7%
- 1991सुरेश प्रताप गांधी (JD), जीत का अंतर 4.0%
- 1993अमर सिंह (SP), जीत का अंतर 16.4%
- 1996यशपाल सिंह चौहान (BJP), जीत का अंतर 3.5%