फतेहपुर सीकरीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
वदन सिंह (BJP) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 29.6% वोट पाकर फतेहपुर सीकरी सीट जीती और बाबू लाल (JD) को 2,493 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 361 आगरा पूर्व थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 361 खैर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। वदन सिंह 2.2% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
19 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | वदन सिंह | 33,51829.6% | |
| 2 | बाबू लाल जनता दल | जनता दल | 31,02527.4% |
| 3 | रामनिवास समाजवादी पार्टी | समाजवादी पार्टी | 22,85120.2% |
| 4 | दुर्ग सिंह | 12,70411.2% | |
| 5 | लखन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5,4254.8% |
| 6 | दर्शन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4,5214.0% |
| 7 | बलबीर सिंह चाहर | 8530.8% | |
| 8 | होता | 5750.5% | |
| 9 | संदिप फौजदार निर्दलीय | निर्दलीय | 5270.5% |
| 10 | ओम बंभोले निर्दलीय | निर्दलीय | 3010.3% |
| 11 | दीवान निर्दलीय | निर्दलीय | 1720.1% |
| 12 | किरोरीलाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1460.1% |
| 13 | फोरन सिंह इंदोलिया निर्दलीय | निर्दलीय | 1410.1% |
| 14 | अरविन्द राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1320.1% |
| 15 | जगदीश सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 620.1% |
| 16 | सूरज मल निर्दलीय | निर्दलीय | 570.1% |
| 17 | दुर्ग पाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 550.1% |
| 18 | हसनूराम अम्बेडकरी निर्दलीय | निर्दलीय | 490.0% |
| 19 | अशोक निर्दलीय | निर्दलीय | 370.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 77% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.54 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
फतेहपुर सीकरी से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने 1991 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 36.6% से घटकर 29.6% रह गया। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1991 के 42.7% से बढ़कर 55.8% हो गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।