फतेहपुर सीकरीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1977
वदन सिंह (JNP) ने 1977 के विधान सभा चुनाव में 62.2% वोट पाकर फतेहपुर सीकरी सीट जीती और बिजेन्द्र सिंह (INC) को 22,924 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 361 आगरा पूर्व थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 361 खैर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — वदन सिंह 34.8% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | वदन सिंह जनता | जनता | 41,03762.2% |
| 2 | बिजेन्द्र सिंह | 18,11327.5% | |
| 3 | निहाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2,6714.0% |
| 4 | लिलाधर निर्दलीय | निर्दलीय | 2,2593.4% |
| 5 | रंजीत निर्दलीय | निर्दलीय | 7211.1% |
| 6 | शांति लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 5610.8% |
| 7 | रघुनाथ सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3590.5% |
| 8 | रमेश चन्द्र अग्रवाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1190.2% |
| 9 | बहोरन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1160.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JNP और INC को 90% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.15 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
फतेहपुर सीकरी से कौन जीता, 1974–1996
JNP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1974 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1974 के 63.8% से घटकर 52.3% रह गया। इसके बाद 1980 के चुनाव में यह सीट JNP(SC) ने जीती।