खेरागढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
मंडलेश्वर सिंह (INC) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 32.0% वोट पाकर खेरागढ़ सीट जीती और बाबू लाल गोयल (BJP) को 4,371 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 360 आगरा कैंट थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 360 बरौली है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। मंडलेश्वर सिंह 3.8% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
28 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मंडलेश्वर सिंह | 36,86332.0% | |
| 2 | बाबू लाल गोयल | 32,49228.2% | |
| 3 | पुरुषोत्तम सिंह जनता दल | जनता दल | 27,42723.8% |
| 4 | लखन सिंह कुशवाह समाजवादी पार्टी | समाजवादी पार्टी | 14,17012.3% |
| 5 | सरनाम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 7130.6% |
| 6 | बृजा भूषणहा निर्दलीय | निर्दलीय | 5690.5% |
| 7 | अशोक कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 4740.4% |
| 8 | हंसू राम अम्बेडकरी निर्दलीय | निर्दलीय | 3970.3% |
| 9 | छोटे लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2640.2% |
| 10 | अमृत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2090.2% |
| 11 | विनोद कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2040.2% |
| 12 | शेर बहादुर खान | 1940.2% | |
| 13 | राम दयाल | 1570.1% | |
| 14 | अशोक कुमार गोयल निर्दलीय | निर्दलीय | 1370.1% |
| 15 | अरुण कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1250.1% |
| 16 | कुलदीप सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1220.1% |
| 17 | प्रेमवती पंवार निर्दलीय | निर्दलीय | 1200.1% |
| 18 | भगवान सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 970.1% |
| 19 | श्री कृष्ण भारद्वाज | 940.1% | |
| 20 | श्रीध्वज सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 940.1% |
| 21 | केशर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 850.1% |
| 22 | प्रभु सिंह चौहान निर्दलीय | निर्दलीय | 650.1% |
| 23 | बहादुर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 630.1% |
| 24 | राजीव निर्दलीय | निर्दलीय | 520.1% |
| 25 | लज्जा राम शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 380.0% |
| 26 | योगेन्द्र सिंह चौहान निर्दलीय | निर्दलीय | 360.0% |
| 27 | सुधाकर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 340.0% |
| 28 | राजवीर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 240.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 84% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.95 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
खेरागढ़ से कौन जीता, 1974–1996
INC ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1991 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1985 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1991 के 51.5% से बढ़कर 58.7% हो गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974शिव प्रसाद (NCO), जीत का अंतर 10.8%
- 1977गुरु दत्त सोलंकी (JNP), जीत का अंतर 18.6%
- 1980मंडलेश्वर सिंह (INC(I)), जीत का अंतर 7.9%
- 1985बहादुर सिंह (INC), जीत का अंतर 29.1%
- 1989मंडलेश्वर सिंह (JD), जीत का अंतर 28.7%
- 1991बाबू लाल गोयल (BJP), जीत का अंतर 1.1%
- 1993मंडलेश्वर सिंह (INC), जीत का अंतर 3.8%
- 1996मंडलेश्वर सिंह (INC), जीत का अंतर 1.4%