तिन्दवारीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
विशम्भर प्रसाद (BSP) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 47.9% वोट पाकर तिन्दवारी सीट जीती और शीतल प्रसाद त्रिपाठी (BJP) को 18,226 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 318 कायमगंज थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 318 कालपी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — विशम्भर प्रसाद 18.9% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
20 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | विशम्भर प्रसाद SP-BSP alliance ('Mile Mulayam-Kanshi Ram'), Uttar Pradesh 1993 | SP-BSP alliance ('Mile Mulayam-Kanshi Ram'), Uttar Pradesh 1993 | 46,16847.9% |
| 2 | शीतल प्रसाद त्रिपाठी | 27,94229.0% | |
| 3 | दिनेश सिंह जनता दल | जनता दल | 9,59910.0% |
| 4 | हरि शंकर सिंह | 4,6704.8% | |
| 5 | सिद्धा गोपाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2,6392.7% |
| 6 | रणवीर सिंह IPF | IPF | 1,0381.1% |
| 7 | खालिक निर्दलीय | निर्दलीय | 7640.8% |
| 8 | शिव कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 5830.6% |
| 9 | राम कुमार | 4950.5% | |
| 10 | जगरूप सिंह BLMD | BLMD | 3430.4% |
| 11 | पुत्तन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3420.4% |
| 12 | अजय कुमार सिंह BRP | BRP | 3180.3% |
| 13 | संतोष कुमार पुत्र चुरामन JP | JP | 2710.3% |
| 14 | संतोष कुमार पुत्र मन्ना लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2520.3% |
| 15 | शिव शरण निर्दलीय | निर्दलीय | 2370.3% |
| 16 | रमेश चन्द्र | 2060.2% | |
| 17 | रामेश्वर निर्दलीय | निर्दलीय | 1740.2% |
| 18 | दानेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1470.1% |
| 19 | कृष्ण देव निर्दलीय | निर्दलीय | 980.1% |
| 20 | रामबली सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 450.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.06 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
तिन्दवारी से कौन जीता, 1974–1996
BSP ने 1991 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 29.5% से बढ़कर 47.9% हो गया। मतदान प्रतिशत 1991 के 34.2% से बढ़कर 50.1% हो गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में भी BSP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974जगन्नाथ सिंह (BJS), जीत का अंतर 10.9%
- 1977जगन्नाथ सिंह (JNP), जीत का अंतर 7.2%
- 1980शिव प्रताप सिंह (INC(I)), जीत का अंतर 23.1%
- 1985अर्जुन सिंह (INC), जीत का अंतर 45.4%
- 1989चन्द्र भान सिंह (JD), जीत का अंतर 40.6%
- 1991विशम्भर प्रसाद (BSP), जीत का अंतर 2.9%
- 1993विशम्भर प्रसाद (BSP), जीत का अंतर 18.9%
- 1996महेन्द्र पाल निषाद (BSP), जीत का अंतर 7.5%