तिन्दवारीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
विशम्भर प्रसाद (BSP) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 29.5% वोट पाकर तिन्दवारी सीट जीती और चन्द्र भान सिंह (JD) को 1,737 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 318 कायमगंज थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 318 कालपी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। विशम्भर प्रसाद 2.9% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
17 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | विशम्भर प्रसाद | 17,52729.5% | |
| 2 | चन्द्र भान सिंह जनता दल | जनता दल | 15,79026.6% |
| 3 | जगन नाथ सिंह परमार | 14,01823.6% | |
| 4 | शिव प्रताप सिंह | 3,5205.9% | |
| 5 | संग्राम सिंह JP | JP | 3,0565.1% |
| 6 | राम किशुन निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7242.9% |
| 7 | लाल मान निर्दलीय | निर्दलीय | 7581.3% |
| 8 | दुर्गा निर्दलीय | निर्दलीय | 7491.3% |
| 9 | महेश चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 4110.7% |
| 10 | पछुवा निर्दलीय | निर्दलीय | 3570.6% |
| 11 | रामू निर्दलीय | निर्दलीय | 3570.6% |
| 12 | जगत नारायण अवस्थी निर्दलीय | निर्दलीय | 2740.5% |
| 13 | रामेश्वर निर्दलीय | निर्दलीय | 2590.4% |
| 14 | अच्छे लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1770.3% |
| 15 | मदन मोहन निर्दलीय | निर्दलीय | 1740.3% |
| 16 | राम जियावन निर्दलीय | निर्दलीय | 1720.3% |
| 17 | सत्य नारायण | 870.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 80% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.53 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
तिन्दवारी से कौन जीता, 1974–1996
BSP ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह BSP की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1989 के 46.6% से घटकर 34.2% रह गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में भी BSP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974जगन्नाथ सिंह (BJS), जीत का अंतर 10.9%
- 1977जगन्नाथ सिंह (JNP), जीत का अंतर 7.2%
- 1980शिव प्रताप सिंह (INC(I)), जीत का अंतर 23.1%
- 1985अर्जुन सिंह (INC), जीत का अंतर 45.4%
- 1989चन्द्र भान सिंह (JD), जीत का अंतर 40.6%
- 1991विशम्भर प्रसाद (BSP), जीत का अंतर 2.9%
- 1993विशम्भर प्रसाद (BSP), जीत का अंतर 18.9%
- 1996महेन्द्र पाल निषाद (BSP), जीत का अंतर 7.5%