प्रतापपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
जवाहर लाल दिवाकर (BSP) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 45.5% वोट पाकर प्रतापपुर सीट जीती और श्याम सूरत उपाध्याय (INC) को 27,682 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 272 मेजा थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 272 सीसामऊ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — जवाहर लाल दिवाकर 22.1% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
27 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जवाहर लाल दिवाकर SP-BSP alliance ('Mile Mulayam-Kanshi Ram'), Uttar Pradesh 1993 | SP-BSP alliance ('Mile Mulayam-Kanshi Ram'), Uttar Pradesh 1993 | 56,96745.5% |
| 2 | श्याम सूरत उपाध्याय | 29,28523.4% | |
| 3 | दिग्विजय सिंह | 25,58320.4% | |
| 4 | विश्राम जीत मौर्य जनता दल | जनता दल | 6,4835.2% |
| 5 | जय राम साहू | 1,5941.3% | |
| 6 | राजेन्द्र प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 6640.5% |
| 7 | कालिका सिंह पटेल ABBP | ABBP | 5910.5% |
| 8 | जीत लाल यादव KSPL | KSPL | 5540.4% |
| 9 | फूल चन्द्र प्रजापति | 5480.4% | |
| 10 | मोहम्मद अहसान निर्दलीय | निर्दलीय | 4840.4% |
| 11 | मोहम्मद इब्राहिम JP | JP | 3770.3% |
| 12 | प्रवीण कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2350.2% |
| 13 | अविनाश चन्द्र | 2300.2% | |
| 14 | राम संजीवन यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 2270.2% |
| 15 | अमर नाथ कुशवाहा निर्दलीय | निर्दलीय | 1850.1% |
| 16 | राम सिंह पटेल निर्दलीय | निर्दलीय | 1780.1% |
| 17 | शकील अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 1620.1% |
| 18 | शहीद SOP(L) | SOP(L) | 1580.1% |
| 19 | छोटे लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1360.1% |
| 20 | राम कोमल निर्दलीय | निर्दलीय | 1220.1% |
| 21 | जंग बहादुर निर्दलीय | निर्दलीय | 1000.1% |
| 22 | भीम बिन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 970.1% |
| 23 | शारदा प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 930.1% |
| 24 | उदय राय निर्दलीय | निर्दलीय | 820.1% |
| 25 | सुशील यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 810.1% |
| 26 | राजू मियां निर्दलीय | निर्दलीय | 650.1% |
| 27 | अनंत बहादुर निर्दलीय | निर्दलीय | 590.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.27 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
प्रतापपुर से कौन जीता, 1974–1996
BSP ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1991 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह BSP की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1991 के 46.1% से बढ़कर 57.1% हो गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में यह सीट SP ने जीती।
- 1974हर प्रताप सिंह (BKD), जीत का अंतर 2.7%
- 1977हर प्रताप सिंह (JNP), जीत का अंतर 1.0%
- 1980श्याम सूरत उपाध्याय (INC(I)), जीत का अंतर 14.5%
- 1985श्यामसूरत उपाध्याय (INC), जीत का अंतर 4.3%
- 1989राजेन्द्र त्रिपाठी (JD), जीत का अंतर 17.3%
- 1991विक्रम जीत मौर्य (JD), जीत का अंतर 13.0%
- 1993जवाहर लाल दिवाकर (BSP), जीत का अंतर 22.1%
- 1996जोखू लाल (SP), जीत का अंतर 11.2%