चकियाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
राजेश कुमार (BJP) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 27.0% वोट पाकर चकिया सीट जीती और नन्द लाल पुत्र फौजदार (BSP) को 369 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 239 जखनिया थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 239 रारी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
चकिया का फ़ैसला सिर्फ़ 0.3% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 369 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
21 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राजेश कुमार | 32,47827.0% | |
| 2 | नन्द लाल पुत्र फौजदार | 32,10926.7% | |
| 3 | सत्य प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 28,13523.4% |
| 4 | श्री प्रसाद वाम दल | वाम दल | 10,4678.7% |
| 5 | अशोक चौधरी IPF | IPF | 6,5375.4% |
| 6 | खरपत राम | 2,4432.0% | |
| 7 | भांटू राम अम्बेडकर जनता दल | जनता दल | 1,8021.5% |
| 8 | प्यारे लाल | 1,4051.2% | |
| 9 | रामकेश निर्दलीय | निर्दलीय | 6230.5% |
| 10 | नन्हू निर्दलीय | निर्दलीय | 6080.5% |
| 11 | राम कुमार ABBP | ABBP | 5710.5% |
| 12 | लल्ली राम निर्दलीय | निर्दलीय | 5460.5% |
| 13 | राजमती निर्दलीय | निर्दलीय | 4480.4% |
| 14 | सुरेश निर्दलीय | निर्दलीय | 3340.3% |
| 15 | तारा देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 2910.2% |
| 16 | कैलाश नाथ सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2860.2% |
| 17 | शिव मूरत निर्दलीय | निर्दलीय | 2720.2% |
| 18 | नन्द लाल पुत्र देवी BRP | BRP | 2470.2% |
| 19 | संकठा निर्दलीय | निर्दलीय | 2340.2% |
| 20 | लक्ष्मी देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 2040.2% |
| 21 | राम मूरत निर्दलीय | निर्दलीय | 1810.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 77% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.75 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चकिया से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने 1991 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 30.6% से घटकर 27.0% रह गया। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1991 के 43.0% से बढ़कर 56.7% हो गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में यह सीट SP ने जीती।
- 1974बेचन राम (INC), जीत का अंतर 11.8%
- 1977श्याम देव (JNP), जीत का अंतर 21.7%
- 1980खरपत राम (INC(I)), जीत का अंतर 15.0%
- 1985खरपत राम (INC), जीत का अंतर 11.1%
- 1989सत्य प्रकाश सोनकर (JD), जीत का अंतर 42.2%
- 1991राजेश कुमार (BJP), जीत का अंतर 12.5%
- 1993राजेश कुमार (BJP), जीत का अंतर 0.3%
- 1996सत्य प्रकाश सोनकर (SP), जीत का अंतर 12.9%