चकियाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
खरपत राम (INC) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 33.2% वोट पाकर चकिया सीट जीती और श्याम देव (ICJ) को 6,685 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 239 जखनिया थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 239 रारी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
11.1% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | खरपत राम | 19,99433.2% | |
| 2 | श्याम देव ICJ | ICJ | 13,30922.1% |
| 3 | सत्य प्रकाश सोनकर Lok Dal | Lok Dal | 11,93819.8% |
| 4 | श्री प्रसाद वाम दल | वाम दल | 7,82013.0% |
| 5 | लाल बिहारी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,9423.2% |
| 6 | राम सूरत | 1,7682.9% | |
| 7 | रम्मन | 9471.6% | |
| 8 | लछमन निर्दलीय | निर्दलीय | 7661.3% |
| 9 | रामकृत आचार्य निर्दलीय | निर्दलीय | 7421.2% |
| 10 | बचन निर्दलीय | निर्दलीय | 5660.9% |
| 11 | म्रच्छु निर्दलीय | निर्दलीय | 4900.8% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 75% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.60 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चकिया से कौन जीता, 1974–1996
INC ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1974 में जीत दर्ज की थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1980 के 40.0% से घटकर 39.5% रह गया। इसके बाद 1989 के चुनाव में यह सीट JD ने जीती।
- 1974बेचन राम (INC), जीत का अंतर 11.8%
- 1977श्याम देव (JNP), जीत का अंतर 21.7%
- 1980खरपत राम (INC(I)), जीत का अंतर 15.0%
- 1985खरपत राम (INC), जीत का अंतर 11.1%
- 1989सत्य प्रकाश सोनकर (JD), जीत का अंतर 42.2%
- 1991राजेश कुमार (BJP), जीत का अंतर 12.5%
- 1993राजेश कुमार (BJP), जीत का अंतर 0.3%
- 1996सत्य प्रकाश सोनकर (SP), जीत का अंतर 12.9%