सिकन्दरपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
दीना नाथ चौधरी (SP) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 36.0% वोट पाकर सिकन्दरपुर सीट जीती और राज धारी (JD) को 6,949 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 224 मुहम्मदाबाद-गोहना थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 224 मुग़लसराय है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
6.2% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
20 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | दीना नाथ चौधरी SP-BSP alliance ('Mile Mulayam-Kanshi Ram'), Uttar Pradesh 1993 | SP-BSP alliance ('Mile Mulayam-Kanshi Ram'), Uttar Pradesh 1993 | 40,19836.0% |
| 2 | राज धारी जनता दल | जनता दल | 33,24929.8% |
| 3 | भगवान पाठक | 21,92419.6% | |
| 4 | कमलेश कुमार | 10,7669.6% | |
| 5 | श्री राम चौधरी IPF | IPF | 1,6581.5% |
| 6 | अनिल पाठक JP | JP | 9310.8% |
| 7 | नन्द लाल वर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 6200.6% |
| 8 | सूर्य देव निर्दलीय | निर्दलीय | 5050.5% |
| 9 | राणा प्रताप निर्दलीय | निर्दलीय | 3600.3% |
| 10 | उदय नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 2400.2% |
| 11 | विनय कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1750.2% |
| 12 | विजय शंकर | 1720.1% | |
| 13 | देवेन्दर यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 1670.1% |
| 14 | राजेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1300.1% |
| 15 | बच्चा राय निर्दलीय | निर्दलीय | 1190.1% |
| 16 | राज कुमार राय निर्दलीय | निर्दलीय | 1120.1% |
| 17 | पदुम देव राय निर्दलीय | निर्दलीय | 1070.1% |
| 18 | भुनेश्वर पाठक निर्दलीय | निर्दलीय | 930.1% |
| 19 | हरिहर निर्दलीय | निर्दलीय | 840.1% |
| 20 | स्वामी नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 400.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 85% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.75 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सिकन्दरपुर से कौन जीता, 1974–1996
SP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1991 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह SP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1991 के 50.5% से बढ़कर 51.6% हो गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में यह सीट SLAP ने जीती।
- 1974निर्भय नारायण सिंह उर्फ़ लाल बाबू (INC), जीत का अंतर 8.1%
- 1977शिव मंगल सिंह (JNP), जीत का अंतर 15.5%
- 1980निर्भय नारायण सिंह उर्फ़ लालबाबू (INC(I)), जीत का अंतर 13.8%
- 1985शिवमंगल सिंह (LKD), जीत का अंतर 2.5%
- 1989राजभरी (JNP(JP)), जीत का अंतर 6.0%
- 1991मार्केंण्डे (INC), जीत का अंतर 10.9%
- 1993दीना नाथ चौधरी (SP), जीत का अंतर 6.2%
- 1996राजधारी (SLAP), जीत का अंतर 9.8%