सिकन्दरपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
मार्केंण्डे (INC) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 32.0% वोट पाकर सिकन्दरपुर सीट जीती और राज धारी (JP) को 10,700 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 224 मुहम्मदाबाद-गोहना थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 224 मुग़लसराय है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
10.9% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
13 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मार्केंण्डे | 31,28632.0% | |
| 2 | राज धारी JP | JP | 20,58621.1% |
| 3 | दिना नाथ जनता दल | जनता दल | 19,47919.9% |
| 4 | गुलाब | 17,62918.0% | |
| 5 | केदार | 6,1636.3% | |
| 6 | श्री राम पुत्र परसु राम IPF | IPF | 5950.6% |
| 7 | गुलाब चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 5930.6% |
| 8 | श्री राम पुत्र कुबेर निर्दलीय | निर्दलीय | 3060.3% |
| 9 | शंकर निर्दलीय | निर्दलीय | 3000.3% |
| 10 | हीरा निर्दलीय | निर्दलीय | 2860.3% |
| 11 | दया राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2460.3% |
| 12 | विजय शंकर | 1830.2% | |
| 13 | राम अवध निर्दलीय | निर्दलीय | 840.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 73% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.48 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सिकन्दरपुर से कौन जीता, 1974–1996
INC ने यह सीट JNP(JP) से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1974 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1989 के 49.9% से बढ़कर 50.5% हो गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट SP ने जीती।
- 1974निर्भय नारायण सिंह उर्फ़ लाल बाबू (INC), जीत का अंतर 8.1%
- 1977शिव मंगल सिंह (JNP), जीत का अंतर 15.5%
- 1980निर्भय नारायण सिंह उर्फ़ लालबाबू (INC(I)), जीत का अंतर 13.8%
- 1985शिवमंगल सिंह (LKD), जीत का अंतर 2.5%
- 1989राजभरी (JNP(JP)), जीत का अंतर 6.0%
- 1991मार्केंण्डे (INC), जीत का अंतर 10.9%
- 1993दीना नाथ चौधरी (SP), जीत का अंतर 6.2%
- 1996राजधारी (SLAP), जीत का अंतर 9.8%