अफ़ज़लगढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
इन्द्र देव सिंह (BJP) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 39.6% वोट पाकर अफ़ज़लगढ़ सीट जीती और शेख मोहम्मद सुलेमान (निर्दलीय) को 6,619 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 19 धामपुर थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 19 ठाकुरद्वारा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। इन्द्र देव सिंह 4.3% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
26 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | इन्द्र देव सिंह | 61,12839.6% | |
| 2 | शेख मोहम्मद सुलेमान निर्दलीय | निर्दलीय | 54,50935.4% |
| 3 | क्रांति कुमार | 10,8337.0% | |
| 4 | रामपाल निर्दलीय | निर्दलीय | 10,4246.8% |
| 5 | क़ाज़िम हुसैन | 7,8135.1% | |
| 6 | अब्दुल रहीम JP | JP | 4,4812.9% |
| 7 | हसन अहमद वाम दल | वाम दल | 8320.5% |
| 8 | रघुवीर सिंह | 6460.4% | |
| 9 | मोहम्मद यूसुफ निर्दलीय | निर्दलीय | 4620.3% |
| 10 | काका जोगिंदर सिंह उर्फ़ धरती पकड़ निर्दलीय | निर्दलीय | 3660.2% |
| 11 | अब्दुल समी निर्दलीय | निर्दलीय | 2950.2% |
| 12 | मनोज कुमार | 2810.2% | |
| 13 | शरीफ अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 2730.2% |
| 14 | जय सिंह | 2360.1% | |
| 15 | अनीस अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 2250.1% |
| 16 | भागवत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1990.1% |
| 17 | अतीकुर रेहमान निर्दलीय | निर्दलीय | 1790.1% |
| 18 | उमराव निर्दलीय | निर्दलीय | 1780.1% |
| 19 | राजेश कुमार गेहलोत निर्दलीय | निर्दलीय | 1510.1% |
| 20 | सुरेश निर्दलीय | निर्दलीय | 1490.1% |
| 21 | विपिन कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1160.1% |
| 22 | हरभजन निर्दलीय | निर्दलीय | 1050.1% |
| 23 | चन्द्र मोहन निर्दलीय | निर्दलीय | 950.1% |
| 24 | अशोक कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 930.1% |
| 25 | हरीराज सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 650.0% |
| 26 | सतवीर निर्दलीय | निर्दलीय | 630.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 82% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.39 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
अफ़ज़लगढ़ से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने 1991 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 44.4% से घटकर 39.6% रह गया। यह 1980 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1991 के 54.9% से बढ़कर 68.6% हो गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974क्रांति कुमार (INC), जीत का अंतर 11.8%
- 1977एम. जलील अहमद (JNP), जीत का अंतर 1.6%
- 1980थम्मन सिंह (BJP), जीत का अंतर 0.4%
- 1985महमूदुल हसन अंसारी (INC), जीत का अंतर 25.5%
- 1989सुलेमान (BSP), जीत का अंतर 16.6%
- 1991इन्द्र देव (BJP), जीत का अंतर 19.8%
- 1993इन्द्र देव सिंह (BJP), जीत का अंतर 4.3%
- 1996इन्द्र देव (BJP), जीत का अंतर 2.5%