अफ़ज़लगढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
इन्द्र देव (BJP) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 44.4% वोट पाकर अफ़ज़लगढ़ सीट जीती और सुलमान (BSP) को 20,236 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 19 धामपुर थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 19 ठाकुरद्वारा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — इन्द्र देव 19.8% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
25 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | इन्द्र देव | 45,46744.4% | |
| 2 | सुलमान | 25,23124.6% | |
| 3 | मुन्शी महमूद | 12,78512.5% | |
| 4 | मूल चन्द जनता दल | जनता दल | 5,3705.3% |
| 5 | अमरीक सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3,3023.2% |
| 6 | मितन निर्दलीय | निर्दलीय | 2,6452.6% |
| 7 | अब्दुल रशीद निर्दलीय | निर्दलीय | 2,5162.5% |
| 8 | अशोक कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 8200.8% |
| 9 | वाहिद निर्दलीय | निर्दलीय | 5830.6% |
| 10 | हरीश चन्द्र | 5670.6% | |
| 11 | फ़याज़ JP | JP | 4340.4% |
| 12 | शिशु निर्दलीय | निर्दलीय | 4230.4% |
| 13 | अमर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4000.4% |
| 14 | नन्दन सिंह UPRP | UPRP | 3070.3% |
| 15 | राम स्वरूप निर्दलीय | निर्दलीय | 2600.3% |
| 16 | बीरबल निर्दलीय | निर्दलीय | 2130.2% |
| 17 | जमीर अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 1980.2% |
| 18 | अरुण कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1550.1% |
| 19 | अनिल निर्दलीय | निर्दलीय | 1320.1% |
| 20 | रघुवीर निर्दलीय | निर्दलीय | 1110.1% |
| 21 | महावीर निर्दलीय | निर्दलीय | 1090.1% |
| 22 | हर भजन निर्दलीय | निर्दलीय | 1030.1% |
| 23 | हर फूल सिंह | 850.1% | |
| 24 | बिजेन्द्र | 840.1% | |
| 25 | मतलूब निर्दलीय | निर्दलीय | 710.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 82% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.59 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
अफ़ज़लगढ़ से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यह सीट BSP से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; BJP ने यहाँ पिछली बार 1980 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1989 के 50.8% से बढ़कर 54.9% हो गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974क्रांति कुमार (INC), जीत का अंतर 11.8%
- 1977एम. जलील अहमद (JNP), जीत का अंतर 1.6%
- 1980थम्मन सिंह (BJP), जीत का अंतर 0.4%
- 1985महमूदुल हसन अंसारी (INC), जीत का अंतर 25.5%
- 1989सुलेमान (BSP), जीत का अंतर 16.6%
- 1991इन्द्र देव (BJP), जीत का अंतर 19.8%
- 1993इन्द्र देव सिंह (BJP), जीत का अंतर 4.3%
- 1996इन्द्र देव (BJP), जीत का अंतर 2.5%