शोहरतगढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
रविन्द्र प्रताप उर्फ़ पप्पू चौधरी (BJP) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 40.2% वोट पाकर शोहरतगढ़ सीट जीती और मोती लाल विद्यार्थी (BSP) को 10,620 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 172 बस्ती थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 172 पनियरा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
8.9% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
24 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रविन्द्र प्रताप उर्फ़ पप्पू चौधरी | 47,96140.2% | |
| 2 | मोती लाल विद्यार्थी | 37,34131.3% | |
| 3 | कमला शनि | 14,73312.3% | |
| 4 | डी.पी. बोरा जनता दल | जनता दल | 8,3957.0% |
| 5 | गफूर खान निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3261.1% |
| 6 | सुभाष चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 9130.8% |
| 7 | अनिरुद्ध निर्दलीय | निर्दलीय | 8810.7% |
| 8 | जगदंबिका SOP(RP) | SOP(RP) | 8550.7% |
| 9 | संतराम निर्दलीय | निर्दलीय | 8490.7% |
| 10 | जुमराती निर्दलीय | निर्दलीय | 7680.6% |
| 11 | राम प्रताप निर्दलीय | निर्दलीय | 6580.6% |
| 12 | राम ब्रिच | 6580.6% | |
| 13 | रमेश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 6120.5% |
| 14 | अल्ताफ हुसैन निर्दलीय | निर्दलीय | 5290.4% |
| 15 | गोपाल निर्दलीय | निर्दलीय | 4470.4% |
| 16 | अकबाल अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 4250.4% |
| 17 | लड्डन खान निर्दलीय | निर्दलीय | 4220.3% |
| 18 | विनोद कुमार | 3740.3% | |
| 19 | जय करण निर्दलीय | निर्दलीय | 3370.3% |
| 20 | मोती लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2550.2% |
| 21 | राम फेर निर्दलीय | निर्दलीय | 2190.2% |
| 22 | धीरेन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 1490.1% |
| 23 | बब्बन प्रताप सिंह उर्फ़ महेश्वर प्रताप सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1250.1% |
| 24 | सुशील निर्दलीय | निर्दलीय | 550.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 84% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.57 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
शोहरतगढ़ से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने 1991 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 39.0% से बढ़कर 40.2% हो गया। मतदान प्रतिशत 1991 के 51.5% से बढ़कर 58.1% हो गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974प्रभु दयाल (INC), जीत का अंतर 1.1%
- 1977शिव लाल मित्तल (JNP), जीत का अंतर 17.1%
- 1980कमला साहनी (INC(I)), जीत का अंतर 30.4%
- 1985कमला सहनी (INC), जीत का अंतर 13.5%
- 1989कमल सहनी (INC), जीत का अंतर 0.8%
- 1991शिव लाल मित्तल (BJP), जीत का अंतर 11.8%
- 1993रविन्द्र प्रताप उर्फ़ पप्पू चौधरी (BJP), जीत का अंतर 8.9%
- 1996रविन्द्र प्रताप उर्फ़ पप्पू चौधरी (BJP), जीत का अंतर 10.5%