हर्रैयाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
जगदम्बा (BJP) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 32.0% वोट पाकर हर्रैया सीट जीती और अनिल सिंह (JD) को 1,631 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 165 कटरा बाज़ार थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 165 चिल्लूपार है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
हर्रैया का फ़ैसला सिर्फ़ 1.4% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,631 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
22 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जगदम्बा | 36,72732.0% | |
| 2 | अनिल सिंह जनता दल | जनता दल | 35,09630.6% |
| 3 | राधे श्याम | 17,48715.3% | |
| 4 | वीरेंद्र प्रताप नारायण पाण्डेय | 17,10314.9% | |
| 5 | छेदी राम | 1,3631.2% | |
| 6 | उदय नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 9050.8% |
| 7 | श्याम लाल SSD | SSD | 8370.7% |
| 8 | उमा शंकर निर्दलीय | निर्दलीय | 8220.7% |
| 9 | जमुना प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 6450.6% |
| 10 | बजरंगी निर्दलीय | निर्दलीय | 5210.5% |
| 11 | राम अधारे निर्दलीय | निर्दलीय | 4780.4% |
| 12 | जग नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 4230.4% |
| 13 | सुरेन्द्र नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 4110.4% |
| 14 | शशि भान Bharatiya Jan Sabha | Bharatiya Jan Sabha | 3480.3% |
| 15 | सूर्य नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 3100.3% |
| 16 | राम कुबेर निर्दलीय | निर्दलीय | 2740.2% |
| 17 | ओंकार निर्दलीय | निर्दलीय | 2100.2% |
| 18 | अनिल कुमार सिंह JP | JP | 1760.1% |
| 19 | रविन्द्र नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 1640.1% |
| 20 | राज कुमार पाण्डेय निर्दलीय | निर्दलीय | 1510.1% |
| 21 | मंसूर आलम निर्दलीय | निर्दलीय | 1300.1% |
| 22 | रणवाज निर्दलीय | निर्दलीय | 490.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 78% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.13 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
हर्रैया से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने 1991 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 36.1% से घटकर 32.0% रह गया। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत लगभग 1991 जितना ही रहा: 49.8%। इसके बाद 1996 के चुनाव में यह सीट BSP ने जीती।
- 1974सुरेन्द्र प्रताप नारायण (INC), जीत का अंतर 7.8%
- 1977सुखपाल पाण्डेय (JNP), जीत का अंतर 21.8%
- 1980सुरेन्द्र प्रताप नारायण (INC(I)), जीत का अंतर 9.7%
- 1985सुखपाल पाण्डेय (LKD), जीत का अंतर 8.9%
- 1989सुरेन्द्र प्रताप नारायण (INC), जीत का अंतर 16.1%
- 1991जगदम्बा सिंह (BJP), जीत का अंतर 10.3%
- 1993जगदम्बा (BJP), जीत का अंतर 1.4%
- 1996सुखपाल पाण्डेय (BSP), जीत का अंतर 7.0%