हर्रैयाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
जगदम्बा सिंह (BJP) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 36.1% वोट पाकर हर्रैया सीट जीती और अनिल (JD) को 10,497 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 165 कटरा बाज़ार थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 165 चिल्लूपार है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
10.3% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
28 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जगदम्बा सिंह | 36,59436.1% | |
| 2 | अनिल जनता दल | जनता दल | 26,09725.7% |
| 3 | श्याम लाल यादव | 18,60618.3% | |
| 4 | सुरेन्द्र प्रताप नारायण | 8,7428.6% | |
| 5 | सुखपाल पाण्डेय निर्दलीय | निर्दलीय | 3,1093.1% |
| 6 | जगदीश राव JP | JP | 1,7871.8% |
| 7 | चन्द्रेश प्रसाद ICS(SCS) | ICS(SCS) | 6350.6% |
| 8 | च्याम लाल चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 6250.6% |
| 9 | गुरुदास निर्दलीय | निर्दलीय | 6160.6% |
| 10 | अनिल कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 5280.5% |
| 11 | राज कुमार पाण्डेय निर्दलीय | निर्दलीय | 4920.5% |
| 12 | दुर्गा प्रसाद यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 4400.4% |
| 13 | राघवेन्द्र प्रताप निर्दलीय | निर्दलीय | 4070.4% |
| 14 | मंगला प्रसाद | 3930.4% | |
| 15 | प्रेम शंकर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3260.3% |
| 16 | सच्चा राम निर्दलीय | निर्दलीय | 3000.3% |
| 17 | उदय नारायण वर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 2950.3% |
| 18 | विशुनाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 2460.2% |
| 19 | शशि भानु त्रिपाठी निर्दलीय | निर्दलीय | 1670.2% |
| 20 | जैफ़ुल्लाह निर्दलीय | निर्दलीय | 1580.2% |
| 21 | बद्री प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1500.1% |
| 22 | जय प्रकाश सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1470.1% |
| 23 | पंचम निर्दलीय | निर्दलीय | 1460.1% |
| 24 | अशरफी निर्दलीय | निर्दलीय | 1380.1% |
| 25 | पूर्णवासी निर्दलीय | निर्दलीय | 1120.1% |
| 26 | राम कुबेर निर्दलीय | निर्दलीय | 1110.1% |
| 27 | सूर्य कुमार शुक्ला निर्दलीय | निर्दलीय | 530.1% |
| 28 | सूर्य नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 450.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 80% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.19 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
हर्रैया से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1989 के 44.2% से बढ़कर 49.6% हो गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974सुरेन्द्र प्रताप नारायण (INC), जीत का अंतर 7.8%
- 1977सुखपाल पाण्डेय (JNP), जीत का अंतर 21.8%
- 1980सुरेन्द्र प्रताप नारायण (INC(I)), जीत का अंतर 9.7%
- 1985सुखपाल पाण्डेय (LKD), जीत का अंतर 8.9%
- 1989सुरेन्द्र प्रताप नारायण (INC), जीत का अंतर 16.1%
- 1991जगदम्बा सिंह (BJP), जीत का अंतर 10.3%
- 1993जगदम्बा (BJP), जीत का अंतर 1.4%
- 1996सुखपाल पाण्डेय (BSP), जीत का अंतर 7.0%