बद्री केदारविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
केदार सिंह फोनिया (BJP) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 38.8% वोट पाकर बद्री केदार सीट जीती और कुंवर सिंह नेगी (INC) को 6,259 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 7 कर्णप्रयाग थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 7 चांदपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.2% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
17 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | केदार सिंह फोनिया | 33,80738.8% | |
| 2 | कुंवर सिंह नेगी | 27,54831.6% | |
| 3 | सुदर्शन सिंह कठैत जनता दल | जनता दल | 14,48316.6% |
| 4 | गोविन्द सिंह वाम दल | वाम दल | 3,5874.1% |
| 5 | सबर सिंह कुंवर UKD | UKD | 3,3163.8% |
| 6 | अवतार सिंह रावत JP | JP | 9811.1% |
| 7 | नारायण सिंह राणा निर्दलीय | निर्दलीय | 7760.9% |
| 8 | सुरेंद्रस सिंह बिलंगवाल उर्फ़ हवालदार निर्दलीय | निर्दलीय | 4360.5% |
| 9 | जी.एस. रावत निर्दलीय | निर्दलीय | 3770.4% |
| 10 | स्वामी कृष्णागिरी निर्दलीय | निर्दलीय | 3230.4% |
| 11 | शबनम रिज़वी निर्दलीय | निर्दलीय | 2850.3% |
| 12 | प्रेम लाल भारती निर्दलीय | निर्दलीय | 2760.3% |
| 13 | चन्द्र मोहन निर्दलीय | निर्दलीय | 2610.3% |
| 14 | हर्ष मणि निर्दलीय | निर्दलीय | 2170.3% |
| 15 | प्रमोद कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2100.2% |
| 16 | शिवराज सिंह | 1120.1% | |
| 17 | देवेन्द्र सिंह भंडारी निर्दलीय | निर्दलीय | 670.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.55 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बद्री केदार से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1989 के 46.8% से घटकर 45.1% रह गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974नरेन्द्र सिंह (INC), जीत का अंतर 34.8%
- 1977प्रताप सिंह (JNP), जीत का अंतर 32.5%
- 1980कुंवर सिंह नेगी (IND), जीत का अंतर 14.7%
- 1985संतन बड़थ्वाल (INC), जीत का अंतर 6.0%
- 1989कुंवर सिंह नेगी (INC), जीत का अंतर 2.5%
- 1991केदार सिंह फोनिया (BJP), जीत का अंतर 7.2%
- 1993केदार सिंह फोनिया (BJP), जीत का अंतर 10.5%
- 1996केदार सिंह फोनिया (BJP), जीत का अंतर 23.4%